Start with Cap. Ashwashila 1-0-1 after food with water Divya youvan gold 1-0-1 before food with warm milk/ water. Apply ashwagandha bala oil on penis externally twice daily. Have early dinner Be relaxed and remain stress free.

Don’t Worry take Shilapravang 1tab bd, Jatipaladivati 1tab bd Musalipak 1tsp with milk u ll get results
Dr RC BAMS MS
नमस्कार 🙏
आपने अपनी समस्या बहुत स्पष्ट बताई है। शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) एक आम लेकिन पूरी तरह नियंत्रित और इलाज-योग्य समस्या है। आपकी उम्र, अविवाहित होना, 30 सेकंड में स्खलन, तनाव और अस्वस्थ जीवनशैली—ये सभी इसके मुख्य कारण हो सकते हैं।
🔴 आपकी समस्या की गंभीरता ✔ Severe (गंभीर) ✔ अवधि: 1–1.5 साल ✔ मुख्य कारण: मानसिक तनाव अत्यधिक हस्तमैथुन / पोर्न कमजोरी (धातु क्षय) अनियमित दिनचर्या, नींद की कमी
🌿 आयुर्वेदिक कारण आयुर्वेद में इसे ➡ शुक्र धातु की कमजोरी ➡ वात दोष की अधिकता ➡ मन का असंतुलन (राजस/तमस) से जोड़ा जाता है।
✅ आयुर्वेदिक उपचार (Complete Protocol) 1️⃣ मुख्य आयुर्वेदिक औषधियाँ (8–12 सप्ताह) 🔹 (A) अश्वगंधा चूर्ण मात्रा: 5 ग्राम सेवन: गुनगुने दूध के साथ समय: रात को सोने से पहले ✔ तनाव कम करता है ✔ वीर्य की गुणवत्ता सुधारता है
🔹 (B) कौंच बीज चूर्ण मात्रा: 3 ग्राम सेवन: दूध या शहद के साथ समय: रात ✔ स्खलन नियंत्रण बढ़ाता है ✔ टेस्टोस्टेरोन सुधारता है
🔹 © शिलाजीत (शुद्ध) मात्रा: 250 mg सेवन: गुनगुने दूध के साथ समय: सुबह खाली पेट ✔ नसों की कमजोरी ठीक करता है ✔ स्थायित्व बढ़ाता है
🔹 (D) कामराज कैप्सूल / वृष्यवटी 1 कैप्सूल सुबह + 1 रात ✔ शीघ्रपतन में बहुत उपयोगी
2️⃣ बाह्य उपचार (बहुत ज़रूरी) 🔸 तिल तेल / बला तेल से मालिश लिंग के आधार (जड़) पर रोज़ रात को 5–7 मिनट ✔ नसों को मजबूत करता है ✔ संवेदनशीलता घटाता है
3️⃣ योग और अभ्यास (अनिवार्य) 🧘♂️ योगासन मूलबंध अश्विनी मुद्रा भुजंगासन कपालभाति (हल्की) ⏱ रोज़ 15–20 मिनट ✔ स्खलन नियंत्रण 2–3 गुना बढ़ता है
4️⃣ मानसिक प्रशिक्षण (सबसे महत्वपूर्ण) ❌ पोर्न देखना पूरी तरह बंद करें ❌ बार-बार हस्तमैथुन बंद करें (अधिकतम 10–15 दिन में 1 बार) ✔ ध्यान (Meditation) 10 मिनट ✔ गहरी सांस (Pranayama)
5️⃣ आहार निर्देश (Diet) ✔ खाएं दूध, घी बादाम (5), अखरोट (2) खजूर, किशमिश दलिया, मूंग दाल ❌ न खाएं शराब सिगरेट / तंबाकू बहुत मसालेदार, फास्ट फूड ज्यादा चाय-कॉफी
⏳ सुधार की समय-सीमा 3–4 सप्ताह: तनाव कम, नियंत्रण बढ़ेगा 6–8 सप्ताह: समय 3–5 मिनट 3 महीने: 7–10 मिनट (या अधिक) 👉 यदि नियम सही से अपनाए गए तो 85–90% मामलों में दवा पर निर्भरता खत्म हो जाती है
⚠️ महत्वपूर्ण चेतावनी बाजार की “तुरंत असर” वाली दवाओं से बचें कोई भी एलोपैथिक दवा बिना डॉक्टर के न लें धैर्य रखें—यह नसों और मन की ट्रेनिंग है
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AAP YAVANAMRITA VATI DIN MEI DO BAAR YAUVANA GOLD CAPSULE DIN MEI DHO BAAR SHILAJIT RASAYANA DIN MEI DHO BAAR MILK KAE SAATH LIJIYAE
SHWETHA MUSLI PAK EK CHAMACH ROJ SUBAH DUDH KAE SAATH
DAILY PELVIC FLOOR EXERCISES KARNA GAI
1. Aswagandha arishtam 10 ml twice a day after food for 2 weeks. 2. Chandraprapha vati 1-0-1 after food. 3. Bala aswagandha tailam for external application.
Took suryanamaskar daily. Do pranayama. Keep a regular time for meals intake. Go to bed before 10 pm . Keep it as a routine Sleep has very important role in stress relief.
Take care, Dr. Shaniba
Diet and Nutrition 1. Balanced diet: Focus on whole, unprocessed foods like fruits, vegetables, whole grains, lean proteins, and healthy fats. 2. Foods rich in antioxidants: Include foods high in antioxidants like berries, leafy greens, and nuts to help reduce oxidative stress. 3. Omega-3 fatty acids: Find omega-3 rich foods like fatty fish, flaxseeds, and walnuts to support heart health.
Exercise and Physical Activites 1. Regular exercise: Engage in moderate-intensity exercise, like brisk walking, cycling, or swimming, for at least 30 minutes a day. 2. Pelvic floor exercises: Practice Kegel exercises to strengthen pelvic floor muscles.
Stress Management 1. Mindfulness and relaxation: Try techniques like meditation, deep breathing, or yoga to reduce stress and anxiety. 2. Get enough sleep: Aim for 7-8 hours of sleep per night to help regulate hormones and reduce stress. 3. Practise yogasan: Molband, setu bandhasan, chakrasan, veer bhadrasan, halasan, gomukhasan.
Other Lifestyle changes 1. Quit smoking 2. Limit alcohol consumption 3. Maintain a healthy weight
💊Medication💊
Cap. Boostex Forte 2 caps twice a day before food. Tab. Kapikachu Ghana Vati 2 tabs twice a day before food. Tab. Khadiradi Vati 2 tabs twice a day before food.
Shilajit Gold gum 1 small spoon (the one that comes in the pack) with one cup of hot milk early in the morning.
Shwet Musli Pak 1 tsp with a cup of hot cow milk in the morning
1.Ashwgandha churna -1 chammach garam dudh k sath din m 2 bar 2.Siddha makardhwaj- 1 goli din m 1 bar dudh k sath 3.Hiforce capsules -2 capsules din m 2 bar garam dudh k sath 4.Musli pak- 1 chammcah din m 2 bar garam dudh k sath
जीवनशैली सुझाव - योग व प्राणायाम: - अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, मूलबंध (पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़)। - सूर्य नमस्कार और वज्रासन भोजन के बाद। - मानसिक संतुलन: ध्यान, मंत्रजप (“ॐ नमः शिवाय”), तनाव कम करने के लिए नियमित दिनचर्या। - नींद: 7–8 घंटे गहरी नींद। - संतुलित दिनचर्या: देर रात तक जागना और अनियमित भोजन से बचें।
Medicines 1 Pushpadhanwa Ras: 1 tablet twice daily with warm milk (after food). (Strengthens reproductive nerves). 2 Stambhana Churna : Mix Ashwagandha (100g) + Kaunch Beej (50g) + Jatiphala/Nutmeg (10g) + Akarkara (20g). Take ½ teaspoon of this mix twice daily with warm milk. (Jatiphala specifically delays ejaculation). 3 Saraswatarishta: 15ml mixed with 15ml water, twice daily. (Calms the mind to reduce performance anxiety).
External Therapy Himcolin Gel or Shri Gopal Tailam: Apply on the shaft (avoiding the tip) 30 minutes before sleep. It reduces hypersensitivity.
Lifestyle Ashwini Mudra (Kegel Exercises): Rhythmically contract and release the anal muscles (as if stopping urine). Do this 50 times daily. This strengthens the muscles that hold the fluid.
Diet: Eat Dates and Soaked Almonds daily. Avoid spicy foods and alcohol.
Regards Dr Gursimran Jeet Singh MD Panchakarma
दवाइयाँ 1 पुष्पधन्वा रस: 1 गोली दिन में दो बार गर्म दूध के साथ (खाने के बाद)। (प्रजनन तंत्रिकाओं को मज़बूत करता है)। 2 स्तंभन चूर्ण: अश्वगंधा (100g) + कौंच बीज (50g) + जातिफल/जायफल (10g) + अकरकरा (20g) मिलाएँ। इस मिश्रण का ½ चम्मच दिन में दो बार गर्म दूध के साथ लें। (जातिफल खास तौर पर स्खलन में देरी करता है)। 3 सारस्वतारिष्ट: 15ml को 15ml पानी में मिलाकर, दिन में दो बार लें। (परफ़ॉर्मेंस की चिंता कम करने के लिए मन को शांत करता है)।
बाहरी थेरेपी हिमकोलिन जेल या श्री गोपाल तैलम: सोने से 30 मिनट पहले शाफ्ट पर (टिप से बचते हुए) लगाएँ। यह हाइपरसेंसिटिविटी कम करता है।
लाइफस्टाइल अश्विनी मुद्रा (कीगल एक्सरसाइज़): एनल मसल्स को एक साथ सिकोड़ें और छोड़ें (जैसे यूरिन रोक रहे हों)। इसे दिन में 50 बार करें। इससे फ्लूइड को रोकने वाली मसल्स मज़बूत होती हैं।
डाइट: रोज़ खजूर और भीगे हुए बादाम खाएं। मसालेदार खाना और शराब से बचें।
सादर डॉ. गुरसिमरन जीत सिंह MD पंचकर्म
नमस्ते,
शीघ्रपतन तब होता है जब कोई पुरुष सेक्स के दौरान बहुत जल्दी स्खलित हो जाता है – अक्सर पेनिट्रेशन के एक मिनट के अंदर – और इसे कंट्रोल नहीं कर पाता।
आयुर्वेद में, शीघ्रपतन के मुख्य कारण हैं: - वात का बढ़ना, खासकर अपान वात = जो वीर्य स्खलन को कंट्रोल करता है। - शुक्र क्षय – प्रजनन ऊतकों की कमज़ोरी - मानसिक दोष जैसे चिंता, भय और तम (मानसिक सुस्ती)
इनसे स्खलन पर कंट्रोल में कमी, नसों और मांसपेशियों के तालमेल में कमज़ोरी और वीर्य की क्वालिटी में कमी आती है।
अंदर से शुरू करें
1) अश्वगंधा चूर्ण – 1 चम्मच गर्म दूध के साथ दिन में दो बार, सुबह और रात को 3-6 महीने तक = एडाप्टोजेन, तनाव कम करता है, प्रजनन अंगों को मज़बूत करता है।
2) कौंच बीज चूर्ण – 1 चम्मच शहद + दूध के साथ दिन में दो बार 3-4 महीने तक = कामेच्छा, शुक्राणु की क्वालिटी और स्टैमिना बढ़ाता है।
3) शिलाजीत कैप्सूल (स्वर्ण) - 1 कैप्सूल दिन में एक बार गुनगुने दूध के साथ 2-3 महीने तक = कामोत्तेजक, ऊर्जावान, वात और कफ को संतुलित करता है। 4) सफ़ेद मूसली चूर्ण- दिन में दो बार 5 मिनट तक गर्म दूध के साथ =पौरुष शक्ति और वीर्य को गाढ़ा करने के लिए शक्तिशाली कामोत्तेजक जड़ी बूटी
5) वृहत चिंतामणि रस- रात में शहद के साथ 125mg =तंत्रिका तंत्र की कमजोरी, अत्यधिक वात, कंपन, मानसिक कमजोरी
6) कॉन्फिडो टैबलेट (हिमालय)- दिन में दो बार 1 टैबलेट =परफॉर्मेंस की चिंता कम करता है, स्खलन पर नियंत्रण बेहतर करता है
बाहरी उपयोग
1) अश्वगंधा बाल तेल - लिंग के आधार, जांघों और पेट के निचले हिस्से पर रोज़ाना मालिश करें - 5-10 मिनट के लिए - लिंग के सिरे या मूत्रमार्ग के प्रवेश द्वार पर न लगाएं = नसों को मजबूत करता है और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है
2) शुक्र वर्धक लेप- स्थानीय हर्बल पेस्ट - प्यूबिक एरिया या जांघों के अंदरूनी हिस्से पर लगाएं - सीधे जननांगों पर नहीं
आहार - डेयरी = दूध, घी, पनीर - शुक्र धातु को पोषण देता है
- सूखे मेवे = भीगे हुए भुने बादाम, अखरोट और अंजीर - शुक्राणुओं की संख्या और ऊर्जा बढ़ाता है
-सब्जियां = गाजर, चुकंदर, पालक - रक्त और जीवन शक्ति बढ़ाता है
-मसाले = शतावरी, केसर, इलायची - कामोत्तेजक और शांतिदायक
-मीठे स्वाद = चावल, गुड़, खजूर - ओज और शुक्र का निर्माण करते हैं
इनसे पूरी तरह बचें
-चाय, कॉफी, शराब, धूम्रपान
-जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड
-अत्यधिक मसालेदार या खट्टी चीजें
-ठंडा, बासी या फर्मेंटेड खाना
-रात में जागना (रात्रि जागरण)
अब पालन करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आता है
1) कीगल व्यायाम (योग में मूला बंध) उद्देश्य - पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करना जो इरेक्शन और वीर्य नियंत्रण में मदद करती हैं
कैसे करें- -बैठें/लेटें और उन मांसपेशियों को कसें जिनका उपयोग आप पेशाब को बीच में रोकने के लिए करते हैं -5-10 सेकंड के लिए रोकें, फिर छोड़ दें 1) यौन शक्ति के लिए योगासन -15-20 बार दोहराएं, रोज़ाना 3 सेट - सुबह, दोपहर, रात
उन्नत - स्खलन में देरी को मजबूत करने के लिए उत्तेजना, फोरप्ले या मूत्र नियंत्रण के दौरान कीगल संकुचन का प्रयास करें
2) पेल्विक थ्रस्ट व्यायाम (ब्रिज पोज़) -पीठ के बल लेटें, घुटने मुड़े हुए, पैर ज़मीन पर -कूल्हों को ऊपर उठाएं जबकि नितंबों को सिकोड़ें और कोर को पकड़ें -10 सेकंड के लिए रोकें और रिलीज़ -15 बार दोहराएं*3 सेट
3) यौन शक्ति के लिए योगासन -भुजंगासन = पेल्विक ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है -पश्चिमोत्तानासन = वीर्य की गुणवत्ता में सुधार करता है -खाने के बाद वज्रासन = पाचन और शुक्र धातु में सुधार करता है -अश्विनी मुद्रा (गुदा संकुचन) = शीघ्रपतन को नियंत्रित करता है
#प्राणायाम- रोज़ 10-15 मिनट करें -अनुलोम विलोम- तंत्रिका संतुलन -भ्रामरी- मन को शांत करता है, अत्यधिक उत्तेजना को कम करता है -उद्गीथ- आत्मविश्वास + ओज बढ़ाता है
#भावनात्मक और मानसिक संतुलन आपको किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है- -अपने पार्टनर को निराश करने का डर -पिछले असफल अनुभवों के कारण अपराधबोध -पॉर्न/कृत्रिम उत्तेजनाओं पर अत्यधिक निर्भरता -नींद/आहार की कमी के कारण थकान
क्या करें -इसे स्वीकार करें- यौन कमजोरी ठीक हो सकती है, घबराएं नहीं -बातचीत करें- भावनात्मक अंतरंगता > शारीरिक प्रदर्शन -धीरे-धीरे फोरप्ले का आनंद लें- जल्दबाजी न करें -ब्रह्मचर्य-आधारित डिटॉक्स का अभ्यास करें- 10-15 दिनों तक परहेज (कोई सेक्स नहीं, कोई हस्तमैथुन नहीं, कोई उत्तेजना नहीं), फिर धीरे-धीरे वापस आएं -हर दिन रात में कम से कम 7 घंटे सोएं -पॉर्न और अत्यधिक हस्तमैथुन से सख्ती से बचें
अंतिम सलाह -यह प्रोटोकॉल शुरू करें, 8-12 सप्ताह तक जारी रखें और 1 सप्ताह के भीतर स्पष्ट सुधार देखें -प्रदर्शन के तनाव से बचें
-स्वाभाविक रहें, ज़मीन से जुड़े रहें और इलाज के प्रति प्रतिबद्ध रहें।
इसका नियमित रूप से पालन करें,
आशा है यह मददगार होगा
धन्यवाद
डॉ. मैत्री आचार्य
Take
Ashwsheela caps 1-0-1 Manasamitra vatikam 0-0-1 Shwetha musli 1-0-0