● अश्वगंधा - वीर्यवर्धक, टेस्टोस्टेरोन का स्तर और मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाता है। ● कौंच - उत्कृष्ट वाजीकरण पदार्थ, शुक्राणु वर्धक। इसमें एल-डोपा होता है जो डोपामाइन का स्तर बढ़ाकर शुक्राणु उत्पादन में मदद करता है। ● गोक्सुर - मूत्र संबंधी विकारों को दूर करता है, धातुओं को शुद्ध करता है और स्तंभन शक्ति प्रदान करता है। इसमें प्रोटोडायोसिन होता है जो यौन इच्छा और शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार करता है। ● सफेद मुसली - शुक्राणु की शक्ति और वीर्य की चिकनाई बढ़ाती है। इसमें प्राकृतिक स्टेरॉयड और सैपोनिन होते हैं, जो प्रजनन क्षमता और शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं। ● विदारिकंद - शुक्राणु वर्धक, प्रजनन क्षमता में सहायक। इसमें फाइटोएस्ट्रोजेनिक तत्व होते हैं जो प्रजनन अंगों को पोषण देते हैं। ● बनाने की विधि: सभी जड़ी-बूटियों को अच्छी तरह साफ और सुखा लें। बारीक छलनी से छान लें। बराबर मात्रा में लें और अच्छी तरह मिला लें। 1. कौंच के बीजों को धीमी आंच पर भूनें ताकि खुजली पैदा करने वाले तत्व नष्ट हो जाएं। सभी जड़ी-बूटियों को अलग-अलग पीसकर बारीक पाउडर बना लें (60-80 मेश)। इसे एक वायुरोधी कांच/टिन के डिब्बे में रखें। यह पाउडर प्रतिदिन 3-5 ग्राम की मात्रा में उपयोग के लिए तैयार रहेगा। ● सेवन विधि: 1 चम्मच (लगभग 3-5 ग्राम) 1. सेवन विधि: गुनगुने दूध में मिश्री मिलाकर। 2. समय: सोने से पहले। 3. अवधि: कम से कम 3 महीने तक नियमित सेवन करें। ● दिन में दो बार बादाम की खरबूजे या अश्वगंधा से मालिश करें।
35 साल के पित्त प्रकृति वाले पुरुष के लिए आयुर्वेदिक उपायों से इरेक्टाइल डिसफंक्शन और शीघ्रपतन का इलाज कैसे करें? - #54445
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How long have you been experiencing erectile dysfunction and premature ejaculation?:
- More than 6 monthsHow would you describe the severity of your erectile dysfunction?:
- Moderate — frequent problemsHave you noticed any specific triggers for your premature ejaculation?:
- No clear triggersHow is your overall digestive health?:
- Frequent constipationWhat is your current diet like?:
- Irregular eating habitsHow would you rate your stress levels on a scale of 1 to 10?:
- 4-6 (moderate stress)Have you consulted a doctor or tried any treatments for these issues before?:
- Over-the-counter medicationsHow often do you practice yoga and what other physical activities do you do?:
- Occasional yoga, little exerciseडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
आपके लक्षण पित्त दोष की वृद्धि, अपान वायु की गड़बड़ी और शरीर की कमजोरी (धातु क्षय) के कारण हैं। अनियमित दिनचर्या, कब्ज और मानसिक तनाव से यह स्थिति बढ़ जाती है, जिससे शीघ्रपतन, स्तंभन में कमजोरी और वीर्य का रिसाव होता है। सही आहार, नियमित दिनचर्या, योग और पित्त शमन व वाजीकरण उपचार से इसमें सुधार संभव है। —Prescription: 1) Ashwagandha Lehyam 10 gm Twice daily after food With warm milk 2) Musli Pak 5 gm Twice daily after food With milk 3) Manasmitra Vatakam 1 tablet At night 4) Triphala Vati 2 tablet At bedtime with warm water 5) Makardhwaj 1 tablet once daily With honey or milk —Regular sleep and fixed routine Avoid spicy, oily, junk food Daily pranayama (Anulom Vilom) Avoid stress, excessive sexual activity and porn exposure Treat constipation first (very important in your case)-- so stay hydrated, eat fibrous food – kegal exercise and start and stop techniqe follow — continue for 2 months – follow up after 1 month
आपकी समस्या (स्तंभन दोष, शीघ्रपतन, धातु दुर्बलता, कब्ज) पित्त प्रकोप + वात असंतुलन से जुड़ी दिखती है। अनियमित दिनचर्या, मानसिक तनाव और अग्नि (डाइजेशन) की गड़बड़ी इसका मुख्य कारण है। सही दिनचर्या + औषधि + आहार से इसमें काफी सुधार संभव है। आयुर्वेदिक उपचार (3–4 महीने) 1. स्तंभन और शक्ति बढ़ाने के लिए: अश्वगंधा चूर्ण – 1 चम्मच, रात को दूध के साथ कौंच बीज चूर्ण – 1/2 चम्मच, सुबह-शाम दूध के साथ 2. शीघ्रपतन और धातु कमजोरी: शिलाजीत (शुद्ध) – 1 कैप्सूल सुबह खाली पेट स्वर्ण वंग (या वंग भस्म) – 125 mg + शहद, सुबह-शाम 3. वीर्य गाढ़ा और मात्रा बढ़ाने के लिए: सफेद मूसली चूर्ण – 1 चम्मच, रात को दूध के साथ 4. कब्ज सुधार (बहुत जरूरी): त्रिफला चूर्ण – 1 चम्मच, रात को गुनगुने पानी से आहार (Diet Plan) क्या खाएं: दूध, घी, मक्खन बादाम (5 भीगे हुए), खजूर मूंग दाल, हरी सब्जियां गेहूं, चावल हल्का भोजन क्या न खाएं (पित्त बढ़ाने वाले): ज्यादा मसालेदार, तला-भुना चाय, कॉफी, शराब फास्ट फूड, ज्यादा खट्टा दिनचर्या (Lifestyle) रोज़ 7–8 घंटे नींद लें (बहुत जरूरी) मोबाइल से दूरी रखें अधिक हस्तमैथुन से बचें रोज़ 20–30 मिनट वॉक करें योग और एक्सरसाइज वज्रासन – खाने के बाद 10 मिनट भुजंगासन – 5–7 मिनट पवनमुक्तासन – गैस/कब्ज के लिए केगल एक्सरसाइज – रोज़ 5–10 मिनट (बहुत असरदार शीघ्रपतन में) जरूरी सलाह लिंग पर जो छोटे दाने हैं, अगर खुजली/दर्द नहीं है तो अक्सर सामान्य (Pearly Papules) हो सकते हैं — चिंता न करें धात गिरना (Dhat syndrome) अधिकतर मानसिक तनाव + कमजोरी से जुड़ा होता है, सही इलाज से ठीक होता है अनियमित जॉब के कारण हार्मोनल और नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है, इसलिए रूटीन सुधारना बहुत जरूरी है
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