खेलने के बाद सेक्स के दौरान मेरी परफॉर्मेंस में उतार-चढ़ाव क्यों आता है? - #55247
Main jab khelta hoon uske baad jab sex karta hoon, kabhi-kabhi der lag jati hai aur kabhi-kabhi bahut der tak karte hain, aisa kyun hota hai?
डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
यह समस्या अधिकतर अत्यधिक foreplay, मानसिक स्थिति, थकान, नींद की कमी, हस्तमैथुन की आदत, या वात दोष असंतुलन के कारण होती है। Ayurveda के अनुसार जब शरीर और मन पूरी तरह संतुलित नहीं रहते, तो कभी जल्दी ढीलापन (erection weak) हो जाता है और कभी बहुत देर तक timing रहती है। मुख्य कारण: ज्यादा excitement या anxiety बार-बार foreplay से ऊर्जा कम होना कमजोरी, तनाव, नींद की कमी ज्यादा porn/masturbation पाचन कमजोर होना और वात बढ़ना Ayurvedic उपाय: रोज़ 1 गिलास गुनगुने दूध में 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण रात में लें। सुबह 4–5 भीगे बादाम + 1 अंजीर लें। मसालेदार, junk food, शराब और smoking कम करें। रोज़ 20 मिनट exercise और pranayama करें। सेक्स से पहले ज्यादा मानसिक दबाव न लें। उपयोगी आयुर्वेदिक औषधियाँ: Ashwagandha Shilajit Kaunch Beej ये शरीर की शक्ति, stamina और performance balance करने में मदद करती हैं।
● अश्वगंधा - वीर्यवर्धक, टेस्टोस्टेरोन का स्तर और मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाता है। ● कौंच - उत्कृष्ट वाजीकरण पदार्थ, शुक्राणु वर्धक। इसमें एल-डोपा होता है जो डोपामाइन का स्तर बढ़ाकर शुक्राणु उत्पादन में मदद करता है। ● गोक्सुर - मूत्र संबंधी विकारों को दूर करता है, धातुओं को शुद्ध करता है और स्तंभन शक्ति प्रदान करता है। इसमें प्रोटोडायोसिन होता है जो यौन इच्छा और शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार करता है। ● सफेद मुसली - शुक्राणु की शक्ति और वीर्य की चिकनाई बढ़ाती है। इसमें प्राकृतिक स्टेरॉयड और सैपोनिन होते हैं, जो प्रजनन क्षमता और शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं। ● विदारिकंद - शुक्राणु वर्धक, प्रजनन क्षमता में सहायक। इसमें फाइटोएस्ट्रोजेनिक तत्व होते हैं जो प्रजनन अंगों को पोषण देते हैं। ● सभी जड़ी-बूटियों को अच्छी तरह से साफ और सुखा लें। बारीक छलनी से छान लें। बराबर मात्रा में लें और अच्छी तरह मिला लें। कौंच के बीजों को धीमी आंच पर भून लें ताकि खुजली पैदा करने वाले तत्व नष्ट हो जाएं। सभी जड़ी-बूटियों को अलग-अलग बारीक पाउडर (60-80 मेश) में पीस लें। इसे वायुरोधी कांच/टिन के डिब्बे में रखें। यह पाउडर 3-5 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन उपयोग के लिए तैयार है। ● सेवन विधि: 1 चम्मच (लगभग 3-5 ग्राम)। सेवन विधि: गुनगुने दूध में मिश्री मिलाकर। समय: सोने से पहले। अवधि: कम से कम 3 महीने तक नियमित सेवन। ● दिन में दो बार बादाम या अश्वगंधा से मालिश करें।
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