अम्ल पित्त रोग, जिसे हम अम्लपित्त भी कहते हैं, में मुख्यतः पित्त दोष का असंतुलन होता है। इसे नियंत्रण में रखने के लिए कुछ घरेलू उपाय और आहार संबंधित सलाह आपकी मदद कर सकते हैं।
सबसे पहले, आपके आस-पास के उपलब्ध पेड़-पौधों पर ध्यान दें। नारियल का पानी पीना इसकी अम्लीयता को कम करने के लिए फायदेमंद हो सकता है। रोजाना खाली पेट नारियल पानी लेना आपकी पेट की समस्याएं कम करने में मदद करे सकता है। इसके अलावा, तुलसी की कुछ पत्तियाँ चबाकर या उनके रस का सेवन करने से भी अम्लता में राहत मिल सकती है।
अदरक भी एक प्रभावशील घटक है। आधा चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच शहद मिला कर गर्म पानी के साथ लेना अम्लता को कम कर सकता है। हालांकि, अदरक का सेवन सावधानी से करना चाहिए, खासकर यदि आप अत्यधिक गर्मी महसूस करते हैं।
सहद और शर्बत का मिश्रण पाचन को ठीक रखने में सहायक हो सकता है। हरे धनिए की पत्तियों का रस निकालकर सेवन करना भी लाभकारी होता है। एक चम्मच हरे धनिए का रस सुबह खाली पेट सुविधाजनक माना जाता है।
आहार में, हल्के और सुपाच्य भोजन का सेवन करें। जैसे, खिचड़ी, दलिया और फलों का सेवन, खासकर तरबूज, केले, और पपीता जो पाचन के लिए अच्छे माने जाते हैं। मसालेदार भोजन, तले हुए पदार्थ, खट्टे फल और अत्यधिक मिर्च मसाले से बचें, क्योंकि ये पित्त को बढ़ा सकते हैं।
साधारण पानी के जगह गरम पानी पिएं। ये पाचन को बेहतर बनाने और अम्लता कम करने में मदद करता है। ध्यान रखें, अगर आपके लक्षण गंभीर हैं या तीव्र दर्द महसूस हो रहा हो, तो तुरंत चिकित्सीय सलाह लें। आपकी सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।


