Struggles with Bowel Movement and Digestive Issues - #47908
नमस्कार माता पिता की मृत्यु 1-3 साल में हो गई। लगभग बचपन से ही मलत्याग में कुछ दिक्कत दिखकर रहती थी। १० वर्ष की अवस्था के बाद से मेरा सोने जागने का समय एक सा नहीं रहा। स्कूल में कक्षा में बैठने से मल मूत्र रोकने की आदत हो गई। फिर हस्तमैथुन का अभ्यास हो गया। अभी महीने में एक बार करता हूं। ज्यादा भी हो जाता है पर रोकने का प्रयास है। मैं अविवाहित हूं। अवस्था ३३ वर्ष है। वर्षों तक केवल बाई करवट ही सोया इससे बॉडी का ग्रोथ पैटर्न टेढ़ा हो गया। साथ में नाभि खिसकने पर ध्यान नहीं देता था अतः अब नाभि खिसकने में ज्यादा समय नहीं लगता। भारी वस्तुएं इसीलिए अब नहीं उठती। आहार: १२ वर्ष की अवस्था के बाद से मांस भक्षण नहीं किया। शराब, अंडा अथवा बाहर की कोई भी पकी वस्तु सेवन नहीं करता। प्याज लहसुन नहीं लेता। आहार सात्त्विक है। २० वर्ष से लेकर ३० वर्ष के बीच आहार अच्छा नहीं रहा। फल और हरी सब्जियों का भोजन में अभाव रहा। यह अभी भी है परंतु रिफाइंड का प्रयोग अब पूरा बंद है। किसी भी डब्बाबंद खाद्य अथवा खराब वस्तु से परहेज करते हैं। मैदा का सेवन नहीं करता। मीठे का सेवन लगभग हर दिन हो जाता है। हर दिन 2 लीटर मीठी छाछ लेते हैं। दोपहर में एक बार अन्न भोजन है। फल हरी सब्जी कम है। लक्षण: 1. मल अवरोध: मैने पढ़ा कि हस्तमैथुन से अपान वायु की दिशा ऊर्ध्व हो जाती है और ऐसा अनुभव भी हुआ।(कृपया इसका विशेष इलाज बताएं). एक महीने तक नियंत्रण करने तक थोड़ा मलत्याग थोड़ा थोड़ा ठीक होता है पर हस्तमैथुन करने पर वापस खराब हो जाता है। हर दिन थोड़ा मलत्याग होता है बाकी नहीं होता। हल्के रंग का पहले का मल निकलता है और गहरे रंग का थोड़ा सा मल निकल के रह जाता है। ऐसा लगता है कि हमें मल जमा है पर आंतों में मूवमेंट नहीं होती। बल लगाने का अभ्यास हो गया है पर डर है बवासीर इत्यादि न हो जाए। 2. पाचन शक्ति अधिक नहीं है। पेट में शाम के समय से गैस भरी रहती है। यह अगली सुबह तक निकलते रहती है। 3. शरीर दुबला है। 4. चेहरा पूरा निस्तेज हो चुका है। पहले चमक आ जाती थी पर अब नहीं आता। यही हाल प्रजनन तंत्र का भी है। वीर्य अत्यधिक कमजोर हो चुका है नसें भी ढीली हैं। 5. नीचे की पीठ हमेशा टाइट रहती है। नीचे की पीठ कमजोर है और पेट बाहर सा निकला है। लंबे समय तक बैठने की आदत रही है। Lordosis और scoliosis की कंडीशन एक साथ है। मोबाइल लैपटॉप के काम से कंधा आगे झुका है और गर्दन में दर्द रहती है। 6. सांस लेने में दिक्कत रहती है। ऐसा लगता है कि पूरी सांस कभी नहीं भरती है लगता है अन्दर से गैस भरी है। 7. प्रसन्न महसूस करना मेरे लिए बहुत कठिन है। ललाट पर स्वतः ही तनाव की रेखाएं रहती है। सर पर बिना बात के टेंशन रहती है। 8. गंध लेने शक्ति कमजोर हो चुकी है। तेज गंध भी थोड़ी महसूस होती है। 9. शरीर से बच्चों से ही दुर्गंध आती थी अब मल जैसी गंध आती है। मलद्वार बहुत रूखा सा महसूस होता है। 10. मलत्याग का वेग आने पर तुरंत ध्यान देना पड़ता है और भागना पड़ता है अथवा वह वेग गायब हो जाता है। कई बार यह वेग बार बार आता है और थोड़ा थोड़ा कर के मल कई बार में निकलता है। इलाज जो करवा चुका: 1. 3 साल पहले लंबी बस्ती क्रिया करवा कर पूरा पेट साफ करवा चुका हूं पर वापस से सब खराब हो गया। 2. वैद्य कहते हैं कि IBS है और मानसिक रोग है अभी जो दवा ले रहा: 1. दोपहर में कुटजरिष्ट १५ml 2. पतंजलि की लिवामृत टैबलेट 2 2 सुबह शाम 3. Apple cider vinegar पानी में मिलाकर 4. कभी कभी त्रिफला के गुनगुने काढ़े से एनीमा ले लेता हूं। यदि दो दिन तक मलत्याग ठीक से नहीं हुआ तो। 5. बीच में नीचे से गैस निकलना भी बंद हो गई थी अब कम से कम नीचे से गैस निकलती है।
How long have you been experiencing these digestive issues?:
- More than 1 yearWhat triggers your bowel movement difficulties?:
- Physical inactivityHow would you describe your current energy levels?:
- Moderate energy


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