हेलो, आप इन चीज़ों का सामना कर रहे हैं 1. मूड या लिबिडो में कमी - आप एक्ट शुरू करते हैं लेकिन एक्साइटमेंट या इंटरेस्ट की कमी होती है। 2. कमज़ोर या कोई इरेक्शन नहीं - इरेक्शन पूरा नहीं होना या उसे बनाए रखने में मुश्किल होना। 3. प्रीमैच्योर इजैक्युलेशन- पेनिट्रेशन से कुछ ही मिनटों पहले या उससे पहले सीमेन का तेज़ी से लीक होना 4. सेक्सुअल थकान- एक्ट के बाद एनर्जी या कॉन्फिडेंस न होना या फेल होने का डर संभावित कारण- -साइकोलॉजिकल स्ट्रेस = परफॉर्मेंस की चिंता, डिप्रेशन, लो सेल्फ इमेज -खराब ब्लड फ्लो = पेनाइल टिशू में नाइट्रिक ऑक्साइड की कमी -नर्व वीकनेस = स्टिमुलेशन में देरी और सेंसेशन में कमी -हार्मोनल इम्बैलेंस = टेस्टोस्टेरोन का कम होना या प्रोलैक्टिन का ज़्यादा होना -अर्ली इजैक्युलेशन = अक्सर सेंसिटिव नर्व और स्टैमिना की कमी के कारण। #आयुर्वेदिक समझ आपके लक्षण शुक्र क्षय + वात दूष्टि के क्लासिक हैं, खासकर:- -क्लैब्य=इरेक्टाइल डिस्फंक्शन-कम वाइटैलिटी से -शुक्र वेग=इजैक्युलेशन न कर पाना-कमजोर सीमेन से -ओजक्षय=कम एनर्जी, थकान, मेंटल स्ट्रेस ट्रीटमेंट गोल 1)इरेक्शन स्ट्रेंथ और ड्यूरेशन को बेहतर बनाना 2)लिबिडो और कॉन्फिडेंस बढ़ाना 3)प्रीमैच्योर इजैक्युलेशन को कंट्रोल करना 4)शुक्र धातु-सीमेन और वाइटैलिटी को पोषण देना 5)मेंटल स्ट्रेस/एंग्जायटी कम करना #इन दवाइयों को लेना शुरू करें 3 महीने तक जारी सुबह (खाली पेट) 1) शिलाजीत गोल्ड कैप- 1 कैप गर्म दूध के साथ= यह स्टैमिना, टेस्टोस्टेरोन और लिबिडो बढ़ाता है 2) अश्वगंधा चूर्ण- 1 TSP गर्म दूध के साथ आधा गिलास= एडाप्टोजेन: स्ट्रेस कम करता है और सीमेन की क्वालिटी बेहतर करता है #खाने के बाद (दिन में दो बार लंच और डिनर के बाद) 3) वृहत वातचिंतामणि रस (प्लेन)- 1 टैब शहद के साथ= नसों को मजबूत करता है और इरेक्शन कंट्रोल को बेहतर बनाता है 4) स्वर्ण मक्षिका भस्म- 125 MG कौंच बीज चूर्ण के साथ- 1 TSP गर्म दूध के साथ मिलाएं= स्पर्म रिटेंशन को बेहतर बनाता है और मूड को अच्छा करता है #सोते समय 5) योहिम्बाइन या आत्मगुप्त चूर्ण- 1 TSP दूध के साथ सोते समय = नेचुरल एफ्रोडिसिएक, अराउज़ल के लिए डोपामाइन बढ़ाता है #एक्सटर्नल थेरेपी 1) गर्म तेल की मसाज- फोकस्ड पेल्विक मसाज- शतावरी तेल या अश्वगंधाबाला तेल के साथ एरिया- पीठ के निचले हिस्से, पेट, जांघों के अंदरूनी हिस्से और ग्रोइन एरिया टाइम- रोज़ या हफ़्ते में 3-4 बार ड्यूरेशन- 15-20 मिनट -इस्तेमाल करने से पहले तेल को हमेशा गर्म करें -पेट के निचले हिस्से और ग्रोइन पर हल्के गोल-गोल घुमाएं -खत्म गर्म तौलिए से पोंछें या गुनगुने पानी से नहाएं 2) लोकल हर्बल स्टीम थेरेपी -तेल मसाज के बाद लगाएं -वैसोडाइलेशन में मदद करता है-ब्लड वेसल खोलता है और इरेक्शन बढ़ाता है -बहुत उपयोगी। नर्व से जुड़ी सूजन या कमज़ोरी में - दशमूल, त्रिफला, वच जैसी जड़ी-बूटियों के साथ गर्म पानी का एक बड़ा बर्तन लें - शरीर के निचले हिस्से को कपड़े से ढकें, हर्बल भाप को जांघों, पेट के निचले हिस्से, बटक्स पर लगने दें समय = 10-12 मिनट 3) शुक्र तेल- 2-3 बूंदें लें और पेनिस के शाफ्ट पर लगाएं (ग्लैंस पर नहीं), सोने से पहले 5 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें 4) तिल का तेल कपूर के साथ- कपूर के तेल की 2 बूंदें गर्म करके मिलाएं, सिर्फ शाफ्ट पर लगाएं, हल्के हाथों से मसाज करें = रोज़ाना ध्यान दें- हाई क्वालिटी सर्टिफाइड आयुर्वेदिक इस्तेमाल करें सिर्फ़ दूतपापेश्वर, बैद्यनाथ, ऊंझा या दिव्या फार्मेसी जैसे ब्रांड के प्रोडक्ट #सीमेन-पौष्टिक डाइट-बहुत ज़रूरी रोज़ ये खाएं - गाय का घी, खजूर या इलायची वाला दूध -रात में सफ़ेद प्याज़ का रस या लहसुन वाला दूध -काले तिल, कद्दू के बीज, भीगे हुए बादाम -उबला अंडा, केला, एवोकाडो, अंजीर, खजूर -सफ़ेद मूसली+गोक्षुरा+अश्वगंधा की हर्बल चाय #सख्ती से बचें -तला हुआ, खट्टा, ज़्यादा मसालेदार खाना -ज़्यादा चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक्स -स्मोकिंग, शराब, पोर्न इस्तेमाल, बार-बार मास्टरबेशन -देर रात खाना या रात में मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल अब सबसे ज़रूरी हिस्सा आता है जिसे फॉलो करना है 1) कीगल एक्सरसाइज़ (योग में मूलबंध) मकसद- पेल्विक फ़्लोर मसल्स को मज़बूत करना जो इरेक्शन और सीमेन कंट्रोल में मदद करती हैं कैसे करें- -बैठें/लेटें और उन मसल्स को टाइट करें जिनका इस्तेमाल आप यूरिन को बीच में रोकने के लिए करते हैं -5-10 सेकंड तक रोकें, फिर छोड़ दें -रोज़ाना 3 सेट में 15-20 बार दोहराएं-सुबह, दोपहर, रात एडवांस्ड- अराउज़ल, फोरप्ले या यूरिनेशन के दौरान कीगल कॉन्ट्रैक्शन ट्राई करें इजैक्युलेशन में देरी को कंट्रोल करने के लिए 2) पेल्विक थ्रस्ट एक्सरसाइज (ब्रिज पोज़) -पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें, पैर सीधे रखें -हिप्स को ऊपर उठाएं, बटक्स को दबाएं और कोर को होल्ड करें -10 सेकंड तक होल्ड करें और छोड़ें -15 रेप्स3 सेट करें 3) सेक्सुअल स्ट्रेंथ के लिए योग आसन -भुजंगासन=पेल्विक सर्कुलेशन बढ़ाता है -पश्चिमित्तनासन=सीमेन क्वालिटी बढ़ाता है -खाने के बाद वज्रासन=डाइजेशन और शुक्र धातु को बेहतर बनाता है -अश्विनी मुद्रा (एनल लॉक)=प्रीमैच्योरिटी को कंट्रोल करता है इजैक्युलेशन #प्राणायाम- रोज़ 10-15 मिनट करें -अनुलोम विलोम- नर्व बैलेंसिंग -भ्रामरी- मन को शांत करता है, ओवर एक्साइटमेंट कम करता है -उद्गीथ- कॉन्फिडेंस+ओजस बूस्टिंग #इमोशनल और मेंटल बैलेंस आप किन चीज़ों का सामना कर रहे होंगे- -पार्टनर को निराश करने का डर -पिछले फेल एक्सपीरियंस का गिल्ट -पॉर्न/आर्टिफिशियल ट्रिगर्स पर बहुत ज़्यादा डिपेंडेंस -नींद की कमी/डाइट से थकान क्या करें -इसे एक्सेप्ट करें- सेक्सुअल वीकनेस रिवर्सिबल है, घबराएं नहीं -बात करें- इमोशनल इंटिमेसी>फिजिकल परफॉर्मेंस -धीरे-धीरे एन्जॉय करें फोरप्ले-जल्दबाज़ी न करें -ब्रह्मचर्य-आधारित डिटॉक्स की प्रैक्टिस करें- 10-15 दिन तक परहेज़ करें (कोई सेक्सुअल एक्ट नहीं, कोई मास्टरबेशन नहीं, कोई अराउज़ल नहीं), फिर धीरे-धीरे वापस आएं -रात में रोज़ कम से कम 7 घंटे सोएं -पोर्न, ज़्यादा मास्टरबेशन से पूरी तरह बचें आखिरी सलाह -इस प्रोटोकॉल को 8-12 हफ़्तों के लिए शुरू करें और 1 हफ़्ते में साफ़ सुधार देखें -परफ़ॉर्मेंस स्ट्रेस से बचें -नेचुरल रहेंएल, ज़मीन से जुड़ा हुआ, और ठीक होने के लिए समर्पित। उम्मीद है यह मददगार होगा धन्यवाद
अश्वगंधा (Withania somnifera) आयुर्वेदः बल्य, वीर्यवर्धक, रसायन । आधुनिक दृष्टिकोण: टेस्टोस्टेरोन स्तर और मांसपेशीय शक्ति को बढ़ाता है। कौंच बीज / कपिकच्छु (Mucuna pruriens) आयुर्वेदः श्रेष्ठ वाजीकरण द्रव्य, शुक्रवर्धक । आधुनिक दृष्टिकोण: इसमें L- Dopa पाया जाता है जो डोपामिन स्तर को बढ़ाकर शुक्राणु उत्पादन मे सहायक गोक्षुर (Tribulus terrestris) आयुर्वेदः मूत्रविकार नाशक, धातु शुद्धिकर, स्तंभन शक्ति प्रदाता। • आधुनिक दृष्टिकोण: इसमें Protodioscin होता है जो यौन इच्छा और शुक्राणु गुणवत्ता सुधारता है। सफेद मुसली (Chlorophytum borivilianum) आयुर्वेदः शुद्ध वाजीकरण औषधि, “शुक्र बल” और वीर्य स्निग्धता को बढ़ाती है। आधुनिक दृष्टिकोण: इसम प्राकृतिक स्टेरॉयड और सैपोनिन पाए जाते हैं, जो प्रजनन शक्ति और शारीरिक क्षमता बढ़ाते विदारीकंद (Pueraria tuberosa) आयुर्वेदः बल्य, शुक्रवर्धक, संतानोत्पत्ति मे सहायक । विज्ञानः इसम फाइटोएस्ट्रोजेनिक तत्व होते ह जो प्रजनन अंगों को पोषण देते हैं। महीन छलनी से छान लें। बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह मिला लें। 1. सभी औषधियो को अच्छी तरह साफ करके सुखा लें। 2. कौंच बीज को हल्की आँच पर भूने ताकि खुजलीकारक तत्व नष्ट हो जाएँ। 3. सभी औषधियो को अलग-अलग महीन पाउडर (60-80 mesh) मे पीस । 4.वायुरोधक (air tight) काँच/टिन के डिब्ब मे संग्रह करें। इस तरह का चूर्ण 3-5 ग्राम प्रतिदिन उपयोग के लिए तैयार मात्राः 1 चम्मच (लगभग 3-5 ग्राम) 5.सेवन का तरीकाः-समयः रात को सोते समय मिश्री मिले गुनगुन दूध 6.अवधिः कम से कम 3 महीन तक नियमित सेवन मधुमेह रोगी मिश्री न डालें हृदय रोग और उच्च रक्तचाप के रोगी वैद्य की देखरेख में सेवन करे गर्भवती स्त्रियो के लिए उपयुक्त नहीं अति सेवन से अपच या गैस हो सकती ह
पतला वीर्य (semen watery होना) का मतलब कमजोरी या मर्दानगी की कमी नहीं होता। वीर्य की गाढ़ापन से आपकी ताकत या सेक्स क्षमता तय नहीं होती। —अगर आप बार-बार सोचते हैं कि “मुझसे नहीं होगा”, तो दिमाग खुद ही इरेक्शन रोक देता है। इसे Performance Anxiety कहते हैं। ----संभावित दोष: वात प्रकोप + मानसिक तनाव Rx- 1)अश्वगंधा चूर्ण – 5 ग्राम दूध के साथ, सुबह-शाम भोजन के बाद 2)कौंच बीज चूर्ण – 3 ग्राम रात को गुनगुने दूध के साथ 3)शिलाजीत (शुद्ध) – 250 mg सुबह खाली पेट गुनगुने दूध/पानी के साथ 4) चंद्रप्रभा वटी – 2 गोली दिन में 2 बार भोजन के बाद – अवधि: 6–8 सप्ताह —आहार दूध, घी (कम मात्रा) भीगे बादाम 5 खजूर 2 हरी सब्जियाँ × तला-भुना, शराब, धूम्रपान बंद –रोज 20 मिनट व्यायाम किगेल एक्सरसाइज 7–8 घंटे नींद पोर्न/अधिक हस्तमैथुन से परहेज —यदि 6–8 सप्ताह में सुधार न हो तो टेस्ट करवाएँ: Testosterone Thyroid profile HbA1C
आयुर्वेद में इसका कारण, शुक्र क्षय / धातु दुर्बलता माना है। आप – अश्वगंधा चूर्ण 1 चम्मच + गुनगुना दूध दिन में 1–2 बार (रात में जरूर लें) घरेलू नुस्खा – गुनगुना दूध + 1 चम्मच अश्वगंधा + 1 चम्मच मूसली + 1 चुटकी जायफल 15दिन लें।
Do not worry Start with Ashwagandhadi lehyam 0-0-1 tsp with warm milk at night Shilajit rasayana 1-0-1 Shwetha musli pak 1-0-0 with warm milk Kapikacchu churna 1/4 th tsp at night with warm water Do pelvic floor exercises
Take Tentex forte 1tab bd AF Vigorexgold 1tab bd AF Vigoroll external application enough u ll get results Avoid oily spicy food meat alcohol smoking
✓Medicines Ashwagandha Lehyam – 10 gm सुबह + 10 gm रात गरम दूध + ½ चम्मच घी के साथ Confido Tablet (Himalaya) – 1 गोली सुबह + 1 गोली रात खाने के बाद Gokshura Capsule – 500 mg दिन में 2 बार खाने के बाद Shilajit Capsule (शुद्ध) – 250–500 mg सुबह गरम पानी के साथ ✓तेल मालिश (रात को – बहुत जरूरी) Shrigopal Taila या Bala Taila – लिंग और निचले पेट पर हल्की मालिश 8–10 मिनट → गरम तौलिया से 5 मिनट सेकाई रोज जरूरी Kegel Exercise – 50 बार × 3 सेट रोज (5–10 सेकंड होल्ड) – टाइमिंग 3–5 गुना बढ़ती है हस्तमैथुन और पोर्न 90 दिन तक पूरी तरह बंद (सबसे महत्वपूर्ण कदम – sensitivity reset होती है) 30–45 मिनट तेज वॉक रोज (circulation और energy बढ़ाता है) रात 10 बजे तक सोना (सुबह 6 बजे उठना) ✓डाइट रोज: 4 भिगोए बादाम + 2 खजूर + केला सुबह मूंग खिचड़ी + घी, अनार, दूध में घी बंद: ज्यादा मसालेदार, ठंडा, जंक, चाय/कॉफी शाम के बाद डॉ. गुरसिमरन जीत सिंह MD पंचकर्म
Start with Cap. Ashwashila 1-0-1 after food with water Divya youvan gold 1+0-1 before food with warm milk Apply ashwagandha bala oil on penis externally twice daily Brahmi vati 1-0-1 after food with water Have early dinner Remain relaxed and remain stress free.