What to do if my erect size is 5.1 inches but feels small when flaccid? - #56052
मैं चिंतित हूँ क्योंकि मेरे इरेक्शन का आकार लगभग 5.1 इंच है, मोटाई 4 इंच लेकिन शिथिल अवस्था में यह बहुत छोटा लगता है, मानो निचोड़ा हुआ हो।
Doctors' responses
नमस्ते। एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के दृष्टिकोण से मैं आपको पूरी तरह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि आपको चिंतित होने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। आपकी यह स्थिति पूरी तरह से सामान्य (Normal) है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और आंकड़ों का सच इरेक्शन का आकार (5.1 इंच): वैश्विक और भारतीय औसत के अनुसार, उत्तेजित अवस्था (Erected state) में 4.5 से 5.5 इंच के बीच का आकार पूरी तरह से सामान्य और स्वस्थ माना जाता है। आपका आकार (5.1\text{ इंच}) इस दायरे में बिल्कुल सटीक बैठता है। वैवाहिक या यौन जीवन की संतुष्टि के लिए यह आकार पूरी तरह पर्याप्त है। मोटाई (4 इंच): यहाँ मोटाई से तात्पर्य परिधि (Girth) से है। 4\text{ इंच} की परिधि पूरी तरह से सामान्य और स्वस्थ श्रेणी में आती है। 2. शिथिल अवस्था (Flaccid State) में छोटा दिखना आपका यह कहना कि “शिथिल अवस्था में यह बहुत छोटा और निचोड़ा हुआ लगता है”, चिकित्सा जगत में एक बहुत ही आम और सामान्य शारीरिक लक्षण है। पुरुषों में मुख्य रूप से दो प्रकार की शारीरिक बनावट देखी जाती है: Growers (बढ़ने वाले): ऐसे पुरुषों में शिथिल अवस्था में आकार काफी छोटा या सुकड़ा हुआ दिखता है, लेकिन उत्तेजना (Erection) के दौरान रक्त प्रवाह बढ़ते ही आकार में बहुत बड़ा बदलाव आता है। आप इसी श्रेणी में आते हैं, जो कि पूरी तरह प्राकृतिक है। Showers (दिखने वाले): इनमें शिथिल और उत्तेजित अवस्था के आकार में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता। शीतलता, मानसिक तनाव, चिंता, या ठंडे मौसम में ‘डार्टोस’ और ‘क्रेमास्टर’ मांसपेशियां सुकड़ जाती हैं, जिससे यह और भी छोटा महसूस हो सकता है। यह शरीर की एक सुरक्षात्मक प्रणाली है, कोई बीमारी नहीं। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण और उपचार (Ayurvedic Perspective) आयुर्वेद में इस चिंता या मानसिक संकोच को ‘भय’ या ‘मानसिक वात प्रकोप’ के रूप में देखा जाता है। जब आप अत्यधिक चिंता करते हैं, तो शरीर में ‘अपान वायु’ असंतुलित हो जाती है, जो रक्त संचार को प्रभावित कर सकती है। यदि आप अपनी मांसपेशियों की टोन और स्थानीय रक्त संचार (Blood circulation) को और बेहतर करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित प्राकृतिक उपायों को अपना सकते हैं: स्थानीय स्नेहन (मसाज): हल्के हाथों से श्रीगोपाल तेल (Shri Gopal Taila) या तिल के तेल की कुछ बूंदों से हल्के हाथों से (ऊपर की तरफ) मालिश करें। यह वहाँ की मांसपेशियों (Mansapeshi) और तंत्रिकाओं (Nerves) को ताकत देता है। ध्यान रहे, मालिश बेहद हल्के हाथों से होनी चाहिए। वात-शामक और बल्य औषधियां: आप चिकित्सक की सलाह से अश्वगंधा चूर्ण, शतावरी, या कौंच पाक का सेवन गुनगुने दूध के साथ कर सकते हैं। ये औषधियां शरीर में ओज (Vigor) बढ़ाती हैं और मानसिक तनाव को कम करती हैं। योग और प्राणायाम: अपान वायु को संतुलित करने के लिए मूलबंध, अश्विनी मुद्रा, और कपालभाति का अभ्यास करें। यह पेल्विक हिस्से में रक्त के प्रवाह को मजबूत करता है।
क्या शादी करने में कोई दिक्कत तो नहीं होगी ।
Jii nahi koi dikkat nhi aaygi…ye sab situation aapki normal ha…maine jo oil bataya ha aap usko use kar sakte ho…vo aapko aacha result dega
About our doctors
Only qualified ayurvedic doctors who have confirmed the availability of medical education and other certificates of medical practice consult on our service. You can check the qualification confirmation in the doctor's profile.