How to treat premature ejaculation during sex with my wife? - #56384
Me apne wife ke saath sex karta hu toMera turant nikal jata he or uska sex badta he to o khus ni ho pati he hindi me anser de
Doctors' responses
आपकी समस्या शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) से संबंधित लगती है, जिसमें संभोग के दौरान वीर्य जल्दी निकल जाने के कारण दोनों साथी संतुष्टि महसूस नहीं कर पाते हैं। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या मुख्यतः वात दोष की वृद्धि, मानसिक तनाव, चिंता, कमजोरी तथा शुक्र धातु की दुर्बलता के कारण हो सकती है। उचित उपचार, आहार-विहार और मानसिक संतुलन से इसमें अच्छा सुधार देखा जाता है। क्या करें? प्रतिदिन पर्याप्त नींद लें (7–8 घंटे)। तनाव, चिंता और अधिक मानसिक दबाव से बचें। नियमित योग, प्राणायाम एवं ध्यान करें। पौष्टिक आहार जैसे दूध, घी, बादाम, अखरोट, खजूर और ताजे फल लें। धूम्रपान, शराब एवं अत्यधिक मसालेदार भोजन से बचें। संभोग के दौरान जल्दबाजी न करें, पूर्वक्रीड़ा (Foreplay) के लिए पर्याप्त समय दें। आयुर्वेदिक औषधियां 🔹 अश्वगंधा चूर्ण/कैप्सूल – शरीर की शक्ति एवं तनाव नियंत्रण में सहायक। 🔹 कौंच बीज चूर्ण – शुक्र धातु पोषण एवं यौन शक्ति के लिए उपयोगी। 🔹 शिलाजीत – शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। 🔹 चंद्रप्रभा वटी – मूत्र एवं प्रजनन तंत्र के संतुलन में लाभकारी। 🔹 अश्वगंधारिष्ट – कमजोरी एवं मानसिक तनाव में उपयोगी। महत्वपूर्ण सलाह सही उपचार, धैर्य और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से शीघ्रपतन की समस्या में काफी सुधार संभव है तथा वैवाहिक जीवन अधिक सुखद और संतोषजनक बन सकता है।
•यह समस्या वैवाहिक जीवन में काफी आम है, और एक आयुर्वेदिक चिकित्सक (Ayurvedic Doctor) के रूप में मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आयुर्वेद में इसका बहुत ही प्रभावी और सुरक्षित उपचार मौजूद है। ••चूंकि आपकी पत्नी इससे संतुष्ट नहीं हो पा रही हैं, इसलिए इसपर ध्यान देना और सही कदम उठाना बहुत जरूरी है। नीचे मैं आपको इसके आयुर्वेदिक उपचार, खान-पान और कुछ विशेष थेरेपी के बारे में बता रहा हूँ: 1. मुख्य आयुर्वेदिक औषधियां (Ayurvedic Medicines) आयुर्वेद में ऐसी जड़ी-बूटियाँ हैं जो वीर्य को गाढ़ा करती हैं, वात को शांत करती हैं और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शक्ति देती हैं: ••अश्वगंधा (Ashwagandha) और शतावरी (Shatavari): मानसिक तनाव को कम करने और शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए यह सबसे उत्तम है। आधा-आधा चम्मच अश्वगंधा और शतावरी चूर्ण गुनगुने दूध के साथ सुबह-शाम लें। ••कौंच बीज चूर्ण (Kapikachhu): यह टाइमिंग (Timing) को बढ़ाने और लिंग की नसों को मजबूत करने में बहुत कारगर है। शास्त्रीय योग (Classical Formulations): ••कामचूड़ामणि रस या मन्मथ रस: इनकी 1-1 गोली रात को सोते समय दूध के साथ ली जा सकती है (ये औषधियां वात दोष को नियंत्रित कर टाइमिंग सुधारती हैं)। ••वानरी गुटीका: यह शीघ्रपतन के लिए एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवा है। 2. आहार और जीवनशैली में बदलाव (Diet & Lifestyle) वात नाशक आहार: अपने भोजन में घी, दूध, बादाम और अखरोट जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल करें। गर्म और ताजा भोजन करें। ••इन चीजों से बचें: अत्यधिक मिर्च-मसालेदार, खट्टा, तीखा, फास्ट फूड और कैफीन (चाय/कॉफी) का सेवन तुरंत कम कर दें, क्योंकि ये शरीर में ‘पित्त’ और ‘वात’ बढ़ाकर उत्तेजना को अनियंत्रित करते हैं। ••तनाव और चिंता: कई बार यह समस्या शारीरिक से ज्यादा मानसिक होती है (Performance Anxiety)। संभोग के समय “जल्दी निकल जाने का डर” ही उसे और जल्दी निकाल देता है। इसलिए मन को शांत रखें। 3. व्यावहारिक तकनीक (Behavioral Techniques) संभोग के दौरान इन दो तरीकों को अपनाएं, इससे टाइमिंग में तुरंत सुधार दिखेगा: ••स्टॉप-स्टार्ट तकनीक (Stop-Start Method): जब आपको लगे कि वीर्य निकलने वाला है, तो तुरंत लिंग को बाहर निकाल लें या हलचल पूरी तरह रोक दें। जब उत्तेजना थोड़ी कम हो जाए, तो दोबारा शुरू करें। ••स्क्वीज तकनीक (Squeeze Method): वीर्य निकलने के ठीक पहले, लिंग के आगे के हिस्से (Supani) को थोड़ा सा दबाएं। इससे निकलने की तीव्र इच्छा रुक जाती है
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