What to do if I have trouble getting an erection after 12 years of masturbation? - #56386
मैं पिछले 12 वर्षों से प्रतिदिन हस्तमैथुन करता आ रहा हूँ। हाल ही में मैंने देखा है कि हस्तमैथुन करते समय मेरा लिंग ठीक से खड़ा नहीं हो पाता। मुझे क्या करना चाहिए? क्या यह समस्या अस्थायी है?हस्तमैथुन करता आ रहा हूँ। पार्टनर के साथ संबंध बनाते समय मुझे ठीक से इरेक्शन नहीं होता। और जब होता भी है (बहुत ज़ोरदार इरेक्शन), तो कं***म पहनने की कोशिश करते ही वह खत्म हो जाता है। मुझे क्या करना चाहिए?
How long have you been experiencing issues with erections?:
- 1-3 monthsHow often do you engage in sexual activity with a partner?:
- DailyHave you noticed any specific triggers that affect your erections?:
- Stress or anxietyHow would you describe your overall health?:
- Poor — multiple health concernsWhat is your age?:
- 20-30How is your mood and emotional state lately?:
- Frequently anxious or depressedHave you tried any treatments or medications for your erectile issues?:
- Over-the-counter supplementsDoctors' responses
आपकी समस्या को समझना महत्वपूर्ण है। आपके अनुसार पिछले 12 वर्षों से नियमित हस्तमैथुन करने के बाद पिछले 1–3 महीनों से इरेक्शन ठीक से न होना, पार्टनर के साथ संबंध बनाते समय लिंग का पर्याप्त कठोर न होना, तथा कंडोम पहनते समय इरेक्शन समाप्त हो जाना जैसी समस्याएं हो रही हैं। साथ ही तनाव, चिंता और मनोदशा में गिरावट भी मौजूद है। सबसे पहले यह जान लें कि केवल हस्तमैथुन करने से स्थायी नपुंसकता (Erectile Dysfunction) नहीं होती। कई मामलों में मानसिक तनाव, प्रदर्शन की चिंता (Performance Anxiety), नींद की कमी, अशक्तता, अत्यधिक पोर्न देखने की आदत, जीवनशैली की गड़बड़ी या अन्य शारीरिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण आयुर्वेद में यह स्थिति मुख्यतः वात दोष वृद्धि, मानसिक तनाव (चिंता) तथा शुक्र धातु की दुर्बलता से संबंधित मानी जाती है। जब मन लगातार तनावग्रस्त रहता है तो शरीर की प्राकृतिक यौन प्रतिक्रिया प्रभावित हो सकती है। क्या करें? 1. मानसिक तनाव कम करें प्रतिदिन 15–20 मिनट अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान करें। पर्याप्त नींद लें (7–8 घंटे)। पोर्नोग्राफी और अत्यधिक यौन उत्तेजक सामग्री से दूरी बनाएं। 2. आहार सुधारें दूध, घी, बादाम, अखरोट, काले चने, मूंग, खजूर, अंजीर जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ लें। ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। धूम्रपान, शराब, नशे और जंक फूड से बचें। 3. नियमित व्यायाम रोज़ 30–45 मिनट तेज़ चलना, योग और हल्का व्यायाम करें। इससे रक्त संचार, हार्मोन संतुलन और आत्मविश्वास में सुधार होता है। आयुर्वेदिक औषधियां आयुर्वेद में अश्वगंधा, कौंच बीज, शतावरी, सफेद मुसली, ब्राह्मी आदि का उपयोग व्यक्ति की प्रकृति और स्थिति के अनुसार किया जाता है। ये तनाव कम करने, ऊर्जा बढ़ाने और यौन स्वास्थ्य को सहयोग देने में सहायक मानी जाती हैं। कंडोम पहनते समय इरेक्शन क्यों खत्म हो जाता है? यह अक्सर Performance Anxiety (प्रदर्शन की चिंता) का संकेत हो सकता है। जब व्यक्ति यह सोचने लगता है कि इरेक्शन बना रहेगा या नहीं, तो चिंता बढ़ती है और इरेक्शन कमजोर हो सकता है। यह स्थिति काफी सामान्य है और सही मार्गदर्शन से सुधर सकती है। कब जांच करवानी चाहिए? यदि समस्या लगातार बनी रहे तो निम्न जांच उपयोगी हो सकती हैं: Blood Sugar (Diabetes Screening) Testosterone Level Vitamin D, Vitamin B12 Thyroid Profile
••नमस्ते। डॉक्टर होने के नाते मैं आपको पूरी तरह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि यह समस्या बिल्कुल सामान्य है, अत्यधिक आम है, और पूरी तरह से ठीक होने योग्य (curable) है। इसमें घबराने या हीनभावना (guilty) लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। ••समस्या का मूल कारण (Root Cause Analysis) ‘कॉन्डोम एंग्जायटी’ (Performance Anxiety): जब आप पार्टनर के साथ होते हैं और इरेक्शन अच्छा आता है, लेकिन कॉन्डोम पहनते ही चला जाता है, तो यह 90% मानसिक होता है। कॉन्डोम निकालते समय आपका ध्यान सेक्स के आनंद से हटकर “क्या मेरा इरेक्शन बना रहेगा?” इस डर पर चला जाता है। यह डर (चिंता) शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन बढ़ाता है, जो इरेक्शन को तुरंत शांत कर देता है। आयुर्वेद में इसे ‘मानसिक क्लैब्य’ (Psychological ED) कहते हैं। ••संवेदनशीलता में कमी (Desensitization): 12 वर्षों से नियमित हस्तमैथुन करने के कारण आपके लिंग को एक विशेष प्रकार के घर्षण (friction) और दबाव की आदत हो गई है, जो मानव योनि (vagina) या कॉन्डोम से बिल्कुल अलग है। ••ओज और शुक्र धातु का क्षय: अत्यधिक हस्तमैथुन से शरीर की आंतरिक ऊर्जा (ओज) और शुक्र धातु में अस्थाई रूप से कमी आ जाती है, जिससे तंत्रिका तंत्र (nervous system) कमजोर महसूस करने लगता है। आयुर्वेदिक चिकित्सा और समाधान (Ayurvedic Treatment Plan) आयुर्वेद में इसके लिए ‘वाजीकरण चिकित्सा’ (Aphrodisiac therapy) और ‘रसायन’ का उपयोग किया जाता है, जो धातुओं को पुष्ट करती हैं। 1. औषधियां (Internal Medications) ••अश्वगंधा चूर्ण (या कैप्सूल): यह वात दोष का शमन करता है, मानसिक तनाव और एंग्जायटी (Chinta) को कम करता है, और नसों को ताकत देता है। (1-1 चम्मच सुबह-शाम गुनगुने दूध के साथ)। ••कपि कच्छु (कौंच बीज) चूर्ण: यह डोपामाइन स्तर को सुधारता है और शुक्र धातु की गुणवत्ता को बढ़ाता है। ••शतावरी और सफेद मूसली: ये शरीर में पोषण और ओज की वृद्धि करते हैं। ••शास्त्रीय योग: गंभीर मामलों में चंद्रप्रभावटी, मन्मथ रस, या शिलाजत्वादि वटी का उपयोग किया जाता है (यह डॉक्टर की प्रत्यक्ष देखरेख में ही लें)। 2. बाह्य उपचार (External Application) लिंग की मालिश (Local Application): लिंग के अग्रभाग (glans) को छोड़कर, नीचे के हिस्से और आस-पास की नसों पर श्रीगोपाल तैल या अश्वगंधा तैल की हल्के हाथों से 4-5 बूंदें लगाकर मालिश करें। यह वहाँ के स्थानीय स्रोतों (रक्त वाहिनियों) में रक्त के प्रवाह (Blood circulation) को सुधारेगा। 3. आहार विहार (Diet & Lifestyle) ••शुक्रवर्धक आहार: भोजन में गाय का घी, दूध, बादाम, अखरोट, खजूर और ताजे फलों को शामिल करें। तीखे, अत्यधिक मसालेदार, खट्टे और जंक फूड से पूरी तरह परहेज करें (क्योंकि ये पित्त बढ़ाकर शुक्र का नाश करते हैं)। हस्तमैथुन पर नियंत्रण: कुछ हफ्तों के लिए हस्तमैथुन को पूरी तरह विराम (Complete Break) दें, ताकि आपके शरीर और नसों को रिकवर होने का समय मिले।
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