avoid spicy food and milk and milk produts do nasya with cow ghee 2 drop each nostril 2 times day tab bramhi 2-0-2 tab ajex 2-0–2 after foods
1.औषधियों का मात्रा निर्धारण (Dosage & Proportion) इस पूरे योग को एक संतुलित और प्रभावी “वाजीकरण चूर्ण” बनाने के लिए जड़ी-बूटियों को निम्नलिखित अनुपात (Ratio) में मिलाना सबसे सुरक्षित और असरदार माना जाता है। (कुल 400 ग्राम का पैमाना): औषधि का नाम अनुशंसित मात्रा (Ratio/Grams) मुख्य कार्य अश्वगंधा 50 ग्राम वातशामक, मानसिक तनाव एवं एंग्जायटी को कम करना। सफेद मूसली 50 ग्राम वृष्य, शुक्र धातु को बढ़ाना और बल प्रदान करना। शतावर 50 ग्राम धातु पौष्टिक, पित्तशामक और शरीर को पोषण देना। विदारीकंद 50 ग्राम बृंहण और रसायन, शारीरिक क्षमता बढ़ाना। गोखरू (छोटा) 40 ग्राम मूत्रल, टेस्टोस्टेरोन बूस्टर, वात-पित्त शामक। सलाम पंजा 40 ग्राम अत्यंत वीर्यवर्धक और स्तंभक (Erectile Strength के लिए)। काली मूसली 30 ग्राम धातु वर्धक और अंदरूनी कमजोरी दूर करना। मुलेठी 30 ग्राम योगवाही (दवाइयों के अवशोषण में मददगार) और मधुर। ईरानी अकरकरा 20 ग्राम उत्तेजक (Stimulant), रक्त संचार (Blood circulation) बढ़ाना। रुमी मस्तगी 20 ग्राम स्तंभक (Premature Ejaculation को रोकने के लिए बेस्ट)। कीड़ा जड़ी (Cordyceps) 20 ग्राम ऊर्जा, स्टेमिना और वाजीकरण गुणों से भरपूर (महंगी और अत्यंत प्रभावी)। धागा मिश्री 200 ग्राम (या स्वादानुसार) निर्माण विधि: रुमी मस्तगी और कीड़ा जड़ी को छोड़कर बाकी सभी सूखी जड़ी-बूटियों को कूटकर कपड़छन चूर्ण (Fine Powder) बना लें। रुमी मस्तगी को अलग से हल्के हाथों से पीसें (क्योंकि यह गोंद जैसी होती है, ज्यादा रगड़ने से चिपक जाती है)। कीड़ा जड़ी का भी महीन पाउडर अलग से बनाएं। अंत में सभी चूर्णों को और मिश्री पाउडर को एक साथ मिलाकर कांच के वायुरुद्ध (Air-tight) बर्तन में सुरक्षित रख लें। सेवन विधि (Anupana & Timing): मात्रा: 3 से 5 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच)। समय: दिन में दो बार — सुबह खाली पेट (या नाश्ते के आधे घंटे बाद) और रात को सोने से एक घंटा पहले। अनुपान: गुनगुने गाय के दूध (Cow’s Milk) के साथ, जिसमें थोड़ा सा गाय का घी मिला हो तो परिणाम और बेहतर मिलते हैं। 2. अतिरिक्त औषधीय सुझाव सिद्व मकरध्वज (Siddha Makardhwaj - Gold Leaf): यदि इरेक्शन में बहुत कमी महसूस हो, तो 125 mg सिद्ध मकरध्वज को शहद के साथ चूर्ण से पहले लें। यह पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को तीव्र करता है। वानारी गुटिका (Vanari Gutika): कौंच बीज के इस क्लासिकल योग को भी साथ में शामिल किया जा सकता है, जो डोपामाइन लेवल बढ़ाकर प्रीमेच्योर इजैक्यूलेशन में उत्कृष्ट परिणाम देता है। 3. ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें (Clinical Precautions) पाचन अग्नि (Agni): यह योग अत्यंत गुरु (Heavy to digest) और स्निग्ध है। यदि आपकी जठराग्नि मंद (Weak digestion) है, तो यह आम (Toxins) पैदा कर सकता है। इसके पाचन के लिए शुरुआत में चूर्ण के साथ चित्रकादि वटी या लवनभास्कर चूर्ण का प्रयोग करें ताकि दवाएं पूरी तरह एब्जॉर्ब हों। अकरकरा की मात्रा: ध्यान रहे कि ईरानी अकरकरा स्वभाव से बेहद तीक्ष्ण और उष्ण होता है। यदि शरीर में पित्त या गर्मी ज्यादा महसूस हो (जैसे मुंह में छाले या एसिडिटी), तो अकरकरा की मात्रा आधी कर दें। मानसिक तनाव (Performance Anxiety): शीघ्रपतन का एक बड़ा कारण मानसिक होता है। अश्वगंधा इसमें मदद करेगा, लेकिन साथ में शंखपुष्पी या सारस्वतारिष्ट का सेवन रात में करने से न्यूरोलॉजिकल कंट्रोल बेहतर होता है।
नमस्ते बलराम जी, आप जिस दौर से गुजरे हैं—ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी, लंबे समय तक साइकाइट्रिक दवाइयां (नींद की गोलियों सहित) और अब 15 से 20 दिन की नाइट ड्यूटी—यह आपके शरीर और नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर बहुत गहरा प्रभाव डालता है। आयुर्वेद के दृष्टिकोण से, आपकी दिनचर्या और इतिहास गंभीर वात और पित्त प्रकोप (Vata and Pitta vitiation) को दर्शाता है, जो क्लैब्य (Erectile Dysfunction) और शुक्रगत वात (Premature Ejaculation) का मुख्य कारण है। आपकी स्थिति में बिना डॉक्टरी सलाह के भारी वाजीकरण (aphrodisiac) जड़ी-बूटियों का मिश्रण सीधे भारी मात्रा में लेना नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि आपका नर्वस सिस्टम और पाचन अभी संवेदनशील हैं। मात्रा जो जड़ी-बूटियां आपने चुनी हैं (कीड़ा जड़ी, सालाम पंजा, अकरकरा, अश्वगंधा आदि) वे बहुत शक्तिशाली हैं। लेकिन ध्यान रहे: यदि शरीर में वात बढ़ा हो और नींद पूरी न हो, तो सीधे भारी दवाइयां पचती नहीं हैं और समस्या बढ़ सकती है। यदि आपका पाचन (Agni) अच्छा है, तो इन जड़ी-बूटियों का एक सुरक्षित और संतुलित योग नीचे दिए गए अनुपात में तैयार किया जा सकता है: • अश्वगंधा, सफेद मूसली, शतावर, विदारीकंद, गोखरू, कौंच बीज -प्रत्येक 20-20 ग्राम • सालम पंजा, रूमी मस्तगी, मुलेठी, धागा मिश्री-प्रत्येक 15-15 ग्राम • ईरानी अकरकरा, काली मूसली, हरी इलायची-प्रत्येक 5-5 ग्राम • कीड़ा जड़ी (Cordyceps Sinensis)-केवल 2 से 3 ग्राम (इसे अलग रखें) #आपकी नाइट ड्यूटी के कारण शरीर का नेचुरल क्लॉक (Circadian Rhythm) बिगड़ा हुआ है, जिससे Ojas (इम्यूनिटी और वाइटलिटी) का क्षय होता है। क्या करें (Dos) नींद की भरपाई: जिस दिन नाइट ड्यूटी न हो, या ड्यूटी के बाद, शांत और अंधेरे कमरे में 7-8 घंटे की गहरी नींद जरूर लें। अभ्यंग (Self-Massage): सप्ताह में 3 बार पूरे शरीर पर और रोज रात को पैरों के तलवों में तिल के तेल या क्षीरबला तेल से मालिश करें। यह वात को तुरंत शांत करता है। मानसिक विश्राम: संभोग के दौरान “परफॉर्मेंस एंग्जायटी” (Performance Anxiety) से बचें। एक बार संबंध बनाने के बाद दोबारा तुरंत प्रयास न करें, शरीर को रीचार्ज होने के लिए 24-48 घंटे का समय दें। क्या न करें (Don’ts) हस्तमैथुन या अत्यधिक प्रयास: लिंग में तनाव लाने के लिए बहुत अधिक घर्षण या दबाव न डालें। इससे वहां की नसें (Dorsal nerves) और कमजोर हो सकती हैं। चाय, कॉफी और तंबाकू: नाइट ड्यूटी के दौरान जागने के लिए अत्यधिक चाय या कॉफी न पिएं। यह नसों को उत्तेजित कर शीघ्रपतन की समस्या को गंभीर बनाती हैं। उत्तेजक सप्लीमेंट्स: बाजार में मिलने वाले असुरक्षित “इंस्टेंट पावर” वाले कैप्सूल न खाएं। •आहार और खान-पान के नियम (Dietary Regimen) क्या खाएं: शुद्ध गाय का घी (रोज 2 चम्मच), बादाम, अखरोट, खजूर, कद्दू के बीज (Pumpkin seeds), और सुपाच्य भोजन जैसे मूंग की दाल, दलिया, और हरी सब्जियां। क्या न खाएं: अत्यधिक तीखा, मिर्च-मसालेदार, खट्टा (अचार, नींबू), मैदा, और डिब्बाबंद खाना। यह शरीर में पित्त बढ़ाकर वीर्य को पतला करते हैं।
Diet and Nutrition 1. Balanced diet: Focus on whole, unprocessed foods like fruits, vegetables, whole grains, lean proteins, and healthy fats. 2. Foods rich in antioxidants: Include foods high in antioxidants like berries, leafy greens, and nuts to help reduce oxidative stress. 3. Omega-3 fatty acids: Find omega-3 rich foods like fatty fish, flaxseeds, and walnuts to support heart health. Exercise and Physical Activites 1. Regular exercise: Engage in moderate-intensity exercise, like brisk walking, cycling, or swimming, for at least 30 minutes a day. 2. Pelvic floor exercises: Practice Kegel exercises to strengthen pelvic floor muscles. Stress Management 1. Mindfulness and relaxation: Try techniques like meditation, deep breathing, or yoga to reduce stress and anxiety. 2. Get enough sleep: Aim for 7-8 hours of sleep per night to help regulate hormones and reduce stress. 3. Practise yogasan: Molband, setu bandhasan, chakrasan, veer bhadrasan, halasan, gomukhasan. Other Lifestyle changes 1. Quit smoking 2. Limit alcohol consumption 3. Maintain a healthy weight ??Medication?? Cap. Boostex Forte 2 caps twice a day before food. Tab. Kapikachu Ghana Vati 2 tabs twice a day before food. Tab. Khadiradi Vati 2 tabs twice a day before food. Tab.Makardwaj Ras 2 tabs twice a day before food. Shilajit Gold gum 1 small spoon (the one that comes in the pack) with one cup of hot milk early in the morning. Shwet Musli Pak 1 tsp with a cup of hot cow milk in the morning
Hello, You are facing 1. Low mood or libido-you start the act but lack excitement or interest. 2. Weak or no erection- incomplete erection or difficulty sustaining it. 3. Premature ejaculation- leaking semen quickly within minutes or before penetration 4. Sexual fatigue- no energy or confidence after the act or fear of failure Probable causes- -psychological stress=performance anxiety,depression,low self image -poor blood flow= lack of nitric oxide to penile tissue -nerve weakness= delayed stimulation and reduced sensation -hormonal imbalance= low testosterone or high prolactine -early ejaculation= often due to sensitive nerves and lack of stamina. #ayurvedic understanding Your symptoms are classic of shukra kshaya+ vata dushti, specifically:- -klaibya=erectile dysfunction-from low vitality -shukra vega= inability to holf ejaculation-fromm weak semen -ojakshaya= low energy,fatigue,mental stress Treatment goal 1)improve erection strength and duration 2)increase libido and confidence 3)control premature ejaculation 4)nourish shukra dhatu-semen and vitality 5)reduce mental stress/anxiety #start taking this medicines for 3months continues morning(empty stomach) 1)shilajit gold cap- 1 cap with warm milk=it boosts stamina, testosterone, and libido 2)ashwagandha churna- 1 tsp with warm milk half a glass= adaptogen:reduces stress and improves semen quality #after meals(twice daily after lunch and dinner) 3)vrihat vatchintamani ras(plain)- 1 tab with honey= strengthens nerves and improves erection control 4)swarna makshika bhasma- 125 mg with kaunch beej churna-1tsp mix with warm milk= improves sperm retention and stimulates mood #at bedtime 5)yohimbine or atmagupta churna- 1 tsp with milk at bedtime= natural aphrodisiac ,increases dopamine for arousal #external therapy 1)warm oil massage-focused pelvic massage- with shatavari taila or ashwagandhabala taila Area- lower back,abdomen,inner thighs, and groin area Time- daily or 3-4times/week Duration- 15-20 min -always warm the oil before use -use gentle circular strokes over lower abdomen and groin -finish with a warm towel wipe or lukewarm shower 2)localised herbal steam therapy -applied after oil massage -helps in vasodilation-opens blood vessels and enhances erection -very useful. In nerve related ed or weak sensitivity -take a big veseel of hot water with herbs like dashmool,triphala,vacha -cover the lower body with a cloth, let the herbal steam pass on thighs, lower abdomen,buttocks Duration= 10-12 min 3)shukra taila- take 2-3 drops and apply over the shaft of penis(no glans), gently massage for 5 min before bed 4)sesame oil with camphor- warm mix 2 drops of camphor oil, apply only on shaft,massage ligtly=daily Note- use high quality certified ayurvedic brands like dootpapeshwar, baidyanath, unjha or divya pharmacy products only #semen-nourishing diet-very important Eat these daily - cow’s ghee , milk with dry dates or cardamom -white onion juice or garlic milk at night -black sesame seeds, pumpkin seeds, soaked almonds -boiled egg , banana, avocado, figs, dates -herbal tea of safed musli+gokshura+ashwagandha #strictly avoid -fried, sour, over spicy food -excess tea, coffee, cold drinks -smoking, alcohol,porn use,frequent masturbation -late night food or mobile phone use at night Now comes the most important part to follow 1)kegel exercises(moola bandha in yoga) Purpose- strengthen pelvic floor muscles that support erection and semen control How to do- -sit/lie down and tigthen the muscles you use to stop urine mid stream -hold for 5-10 seconds, then release -repeat 15-20 times, 3 sets daily-morning,afternoon,night Advanced- try kegel contractions suring arousal , foreplay, or urination control to strengthen ejaculation delay 2)pelvic thrust exercise(bridge pose) -lie on back, bend knees, feet flat -raise hips upwards while squeezing buttocks and holding core -hold for 10 seconds and release -do 15 reps3 sets 3)yoga asana for sexual strength -bhujangasana=boosts pelvic circulation -paschimittanasana= increases semen quality -vajrasana after meals= improves digestion and shukra dhatu -ashwini mudra(anal lock)=controls premature ejaculation #pranayam-do 10-15 min daily -anulom vilom- nerve balancing -bhramari- calms mind, reduces over excitement -udgeeth- confidence+ojas boosting #emotional and mental balance What you may be facing- -fear of disappointing partner -guilt over past failed experiences -overdependence on porn/artificial triggers -tiredness from lack of sleep/diet What to do -accept it- sexual weakness is reversible , dont panic -talk- emotional intimacy>physical performance -enjoy slow foreplay-don’t rush -practice brahmacharya-based detox- 10-15 days abstinence(no sexual act, no masturbation,no arousal), then slow return -sleep minimum 7 hors daily at night -avoid porn, over masturbation strictly Final advice -start this protocol for 8-12 weeks and see visible improvement in 1 week -avoid performance stress -stay natural,grounded, and committed to healing. Hope this might be helpful Thank you Regards, आप निम्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं: 1. कमज़ोर मनोदशा या कामेच्छा - आप संभोग शुरू तो करते हैं, लेकिन उत्साह या रुचि की कमी महसूस करते हैं। 2. कमज़ोर या इरेक्शन न होना - अपूर्ण इरेक्शन या उसे बनाए रखने में कठिनाई। 3. शीघ्रपतन - संभोग से कुछ मिनट पहले या पहले ही वीर्य का निकल जाना। 4. यौन थकान - संभोग के बाद ऊर्जा या आत्मविश्वास की कमी या असफलता का भय। संभावित कारण: - मनोवैज्ञानिक तनाव = प्रदर्शन की चिंता, अवसाद, आत्मसम्मान में कमी। - रक्त प्रवाह में कमी = लिंग के ऊतकों में नाइट्रिक ऑक्साइड की कमी। - तंत्रिका कमजोरी = उत्तेजना में देरी और संवेदना में कमी। - हार्मोनल असंतुलन = टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम या प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक। - शीघ्रपतन = अक्सर संवेदनशील तंत्रिकाओं और सहनशक्ति की कमी के कारण होता है। #आयुर्वेदिक समझ आपके लक्षण मुख्य रूप से ‘शुक्र क्षय’ (वीर्य की कमी) और ‘वात दुष्टि’ (वात दोष का असंतुलन) की ओर इशारा करते हैं, जैसे कि:- -क्लैब्य = इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (लिंग में तनाव की कमी) - कम जीवन-शक्ति (vitality) के कारण -शुक्र वेग = स्खलन (ejaculation) पर नियंत्रण न होना - कमजोर वीर्य के कारण -ओजक्षय = कम ऊर्जा, थकान, मानसिक तनाव इलाज का लक्ष्य 1) इरेक्शन (लिंग में तनाव) की ताकत और समय को बेहतर बनाना 2) कामेच्छा (libido) और आत्मविश्वास बढ़ाना 3) शीघ्रपतन (premature ejaculation) को नियंत्रित करना 4) शुक्र धातु (वीर्य और जीवन-शक्ति) को पोषण देना 5) मानसिक तनाव/चिंता कम करना #इन दवाओं को लगातार 3 महीने तक लें *सुबह (खाली पेट) 1) शिलाजीत गोल्ड कैप्सूल - 1 कैप्सूल गर्म दूध के साथ = यह स्टैमिना, टेस्टोस्टेरोन और कामेच्छा को बढ़ाता है 2) अश्वगंधा चूर्ण - 1 चम्मच, आधे गिलास गर्म दूध के साथ = एडाप्टोजेन: तनाव कम करता है और वीर्य की गुणवत्ता में सुधार करता है #खाने के बाद (दिन में दो बार - लंच और डिनर के बाद) 3) बृहत् वातचिंतामणि रस (प्लेन) - 1 गोली शहद के साथ = नसों को मजबूत करता है और इरेक्शन पर नियंत्रण बेहतर बनाता है 4) स्वर्ण माक्षिक भस्म - 125 mg + कौंच बीज चूर्ण - 1 चम्मच, गर्म दूध के साथ मिलाकर लें = स्पर्म रिटेंशन (वीर्य रोकने की क्षमता) में सुधार करता है और मूड को बेहतर बनाता है #सोते समय 5) योहिम्बाइन या आत्मगुप्त चूर्ण - 1 चम्मच दूध के साथ सोते समय लें = प्राकृतिक कामोत्तेजक (aphrodisiac), उत्तेजना के लिए डोपामाइन बढ़ाता है #बाहरी थेरेपी (External therapy) 1) गर्म तेल से मालिश - पेल्विक एरिया (कमर के निचले हिस्से) पर खास ध्यान देते हुए - शतावरी तेल या अश्वगंधा-बला तेल से जगह - पीठ के निचले हिस्से, पेट, जांघों के अंदरूनी हिस्से और ग्रोइन एरिया (जननांगों के आसपास का हिस्सा) समय - रोज़ाना या हफ्ते में 3-4 बार अवधि - 15-20 मिनट - इस्तेमाल से पहले तेल को हमेशा गर्म करें - पेट के निचले हिस्से और ग्रोइन एरिया पर हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए मालिश करें - आखिर में गर्म तौलिए से पोंछें या गुनगुने पानी से नहाएं 2) खास हिस्से पर हर्बल स्टीम थेरेपी (भाप लेना) - तेल से मालिश के बाद करें - यह वैसोडिलेशन (vasodilation) में मदद करता है - रक्त वाहिकाओं को खोलता है और इरेक्शन को बेहतर बनाता है - बहुत फायदेमंद है। नसों से जुड़ी ED या कम सेंसिटिविटी के मामले में -दशमूल, त्रिफला, वचा जैसी जड़ी-बूटियों वाला गर्म पानी एक बड़े बर्तन में लें -शरीर के निचले हिस्से को कपड़े से ढकें, जांघों, पेट के निचले हिस्से और कूल्हों पर हर्बल भाप लगने दें समय = 10-12 मिनट 3) शुक्र तेल - 2-3 बूंदें लें और लिंग के शाफ़्ट (अगले हिस्से/ग्लैन्स को छोड़कर) पर लगाएं, सोने से पहले 5 मिनट तक हल्के हाथ से मालिश करें 4) कपूर के साथ तिल का तेल - 2 बूंद कपूर का तेल मिलाकर हल्का गर्म करें, सिर्फ़ शाफ़्ट पर लगाएं, हल्की मालिश करें = रोज़ाना नोट - सिर्फ़ अच्छी क्वालिटी वाले सर्टिफ़ाइड आयुर्वेदिक ब्रांड जैसे दूतपापेश्वर, वैद्यनाथ, ऊंझा या दिव्य फ़ार्मेसी के प्रोडक्ट ही इस्तेमाल करें #सीमेन-पोषण देने वाला आहार - बहुत ज़रूरी इन्हें रोज़ खाएं - गाय का घी, सूखे खजूर या इलायची वाला दूध - रात में सफ़ेद प्याज़ का रस या लहसुन वाला दूध - काले तिल, कद्दू के बीज, भीगे हुए बादाम - उबला अंडा, केला, एवोकाडो, अंजीर, खजूर - सफ़ेद मूसली + गोक्षुर + अश्वगंधा की हर्बल चाय #सख़्ती से बचें - तला-भुना, खट्टा, ज़्यादा मसालेदार खाना - ज़्यादा चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक्स - स्मोकिंग, शराब, पोर्न देखना, बार-बार हस्तमैथुन करना - देर रात खाना या रात में मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल अब सबसे ज़रूरी बात जिसे फ़ॉलो करना है 1) कीगल एक्सरसाइज़ (योग में मूल बंध) मकसद - पेल्विक फ़्लोर की मांसपेशियों को मज़बूत करना जो इरेक्शन और सीमेन कंट्रोल में मदद करती हैं कैसे करें - - बैठें/लेट जाएं और उन मांसपेशियों को सिकोड़ें जिनका इस्तेमाल आप पेशाब को बीच में रोकने के लिए करते हैं - 5-10 सेकंड तक रोकें, फिर छोड़ दें - 15-20 बार दोहराएं, रोज़ाना 3 सेट - सुबह, दोपहर, रात एडवांस्ड - उत्तेजना, फ़ोरप्ले या पेशाब रोकते समय कीगल कॉन्ट्रैक्शन (सिकोड़ने की कोशिश) करें ताकि स्खलन में देरी करने की क्षमता बढ़े 2) पेल्विक थ्रस्ट एक्सरसाइज़ (ब्रिज पोज़) - पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें, पैर ज़मीन पर सपाट रखें - कूल्हों को ऊपर उठाएं, साथ ही कूल्हे की मांसपेशियों को सिकोड़ें और कोर (पेट की मांसपेशियों) को टाइट रखें - 10 सेकंड तक रोकें और छोड़ दें - 15 रेप्स * 3 सेट करें 3) यौन शक्ति के लिए योगासन - भुजंगासन = बढ़ाता है पेल्विक सर्कुलेशन (पेल्विक हिस्से में रक्त का संचार) -पश्चिमोत्तानासन = वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाता है -खाने के बाद वज्रासन = पाचन और शुक्र धातु (वीर्य) में सुधार करता है -अश्विनी मुद्रा (एनल लॉक) = शीघ्रपतन को नियंत्रित करता है #प्राणायाम - रोज़ 10-15 मिनट करें -अनुलोम-विलोम = नसों का संतुलन बनाता है -भ्रामरी = मन को शांत करता है, ज़्यादा उत्तेजना कम करता है -उद्गीथ = आत्मविश्वास और ओज (ऊर्जा) बढ़ाता है #भावनात्मक और मानसिक संतुलन आपको इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है- -पार्टनर को निराश करने का डर -पिछले असफल अनुभवों का पछतावा -पोर्न/कृत्रिम उत्तेजकों पर बहुत ज़्यादा निर्भरता -नींद/आहार की कमी से थकान क्या करें -इसे स्वीकार करें - यौन कमजोरी ठीक हो सकती है, घबराएं नहीं -बात करें - शारीरिक प्रदर्शन से ज़्यादा भावनात्मक जुड़ाव ज़रूरी है -धीरे-धीरे फोरप्ले का आनंद लें - जल्दबाजी न करें -ब्रह्मचर्य-आधारित डिटॉक्स का अभ्यास करें - 10-15 दिन तक संयम रखें (कोई यौन क्रिया नहीं, हस्तमैथुन नहीं, उत्तेजना नहीं), फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें -रात में कम से कम 7 घंटे सोएं -पोर्न और बहुत ज़्यादा हस्तमैथुन से सख्ती से बचें आखिरी सलाह -इस प्रोटोकॉल को 8-12 हफ़्ते तक अपनाएं और 1 हफ़्ते में ही साफ़ सुधार देखें -प्रदर्शन के तनाव से बचें -स्वाभाविक और ज़मीन से जुड़े रहेंऔर ठीक होने के लिए प्रतिबद्ध। उम्मीद है कि यह मददगार साबित होगा। धन्यवाद।