What to do for persistent throat pain and swelling with itching for 6 months? - #56428
मुझे गले में लगातार दर्द हो रहा है। ऐसा महसूस होता है जैसे गले में कोई गांठ या गोली अटकी हुई हो। इसकी वजह से सिर और कान दोनों में भी काफी दर्द रहता है। यह समस्या लगभग 6 महीने से चल रही है। मैंने सभी जरूरी चेकअप और दवाइयाँ भी ली हैं, लेकिन कोई खास फर्क नहीं पड़ा। गले के पास लाल निशान (खरोंच जैसे) दिखाई दे रहे हैं और वहां खुजली भी हो रही है
How would you describe the intensity of your throat pain?:
- Very severe — unbearableHave you noticed any specific triggers for your throat pain?:
- No clear triggerAre there any other symptoms accompanying the throat pain?:
- Nasal congestionHow is your appetite affected by this condition?:
- Loss of appetiteHow would you rate your sleep quality during this time?:
- Difficulty falling asleepHave you experienced any changes in your energy levels?:
- Very low — constant fatigueWhat treatments have you tried for your throat pain?:
- Prescribed medicationsDoctors' responses
आपके लक्षण—6 महीने से लगातार गले में दर्द, “गांठ/कुछ अटका हुआ” महसूस होना (globus sensation), कान व सिर में दर्द, खुजली, लालपन, नाक बंद रहना, भूख कम और नींद खराब—यह सामान्य गले के इन्फेक्शन से आगे बढ़कर दीर्घकालिक गले की सूजन (Chronic pharyngitis / allergic post-nasal drip / reflux-related throat irritation) की तरफ इशारा करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह स्थिति अक्सर वात + कफ दोष के साथ पित्त की हल्की वृद्धि से होती है: कफ → बलगम, जकड़न, “कुछ अटका हुआ” एहसास वात → दर्द, कान तक दर्द, सूखापन, खिंचाव पित्त → लालपन, जलन/खुजली आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से उपचार 1. गले की शुद्धि (मुख्य उपचार) गरारे (Gandusha / Kavala) दिन में 2–3 बार: गुनगुना पानी + हल्दी + नमक या त्रिफला क्वाथ (हल्का गुनगुना) इससे सूजन, खुजली और बैक्टीरियल लोड कम होता है। 2. प्रमुख आयुर्वेदिक औषधियाँ (सामान्य सुरक्षित विकल्प) सितोपलादि चूर्ण 1/2–1 चम्मच दिन में 2 बार गले की सूजन, एलर्जी, खांसी, पोस्ट-नैसल ड्रिप में बहुत उपयोगी यष्टिमधु (मुलेठी) 1/2 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ या चबाकर गले की जलन, दर्द और घाव भरने में मदद त्रिफला चूर्ण 1 चम्मच रात को गुनगुने पानी के साथ शरीर की सफाई, कफ संतुलन और पेट-गले के टॉक्सिन कम करता है 3. नाक और गले की सफाई (बहुत जरूरी) नस्य (Nasya therapy) 2–2 बूंद अनु तेल / तिल का हल्का गर्म तेल नाक में सुबह पोस्ट-नैसल ड्रिप और गले में अटके बलगम को कम करता है 4. भाप (Steam inhalation) दिन में 1–2 बार अजवाइन या तुलसी डालकर भाप लें नाक बंद + गले की सूजन में राहत 5. आहार नियम (बहुत महत्वपूर्ण) ये चीजें बंद करें: ठंडी चीजें (आइसक्रीम, ठंडा पानी) दही रात में तला-भुना, मसालेदार भोजन धूम्रपान/धूल ये लें: गुनगुना पानी मूंग दाल खिचड़ी हल्का सुपाच्य भोजन शहद (सुबह) 6. जीवनशैली सुझाव देर रात जागना बंद करें सिर ऊँचा रखकर सोएं (reflux कम होगा) ज्यादा बोलना/चिल्लाना कम करें धूल-धुआं से बचें
Shingles (herpes zoster) hai kya Sir kyuki sab hospital mein gaye par kuch bhi asar hi nahi ho raha hai
••आयुर्वेद के अनुसार, गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना (Globus Pharyngeus) मुख्य रूप से वात और कफ दोष की दुष्टि के कारण होता है। ••कण्ठशालूक / मनोग्रन्थि (Globus Sensation): गले में किसी बाहरी वस्तु या गांठ का आभास होना ‘वात-कफज’ व्याधि है। प्राण वायु और उदान वायु के विमार्गगमन (प्रकुपित होने) तथा कफ के अवरोध के कारण कण्ठ प्रदेश में जकड़न और यह अटकने वाली अनुभूति होती है। इसे आधुनिक आयुर्वेद में “मनोग्रन्थि” या मानसिक तनाव/चिंता (Anxiety) से जनित वात प्रकोप भी माना जाता है। ••शिरःशूल और कर्णशूल (Referred Pain): नासिका, कण्ठ, शिर और कर्ण आपस में जुड़े हुए हैं (“नासा हि शिरसो द्वारं”)। कण्ठ में प्रकुपित वात दोष जब ऊर्ध्व जत्रुगत शिराओं में जाता है, तो यह ‘Referred Pain’ के रूप में सिर और कान में तीव्र दर्द पैदा करता है। ••लाल निशान और खुजली (Skin Manifestation): गले के बाहरी हिस्से पर लाल निशान (Erythema/Scratches) और कण्डू (खुजली) होना पित्त और रक्त दोष की दुष्टि को दर्शाता है। यह किसी स्थानीय फंगल/बैक्टीरियल संक्रमण (Local infection), या फिर लगातार गले को साफ़ करने (Throat clearing) की आदत के कारण आई त्वचा की संवेदनशीलता हो सकती है। ••एक चिकित्सक के नाते आप जानते हैं कि प्रत्यक्ष परीक्षण (Physical Examination) सर्वोपरि है, परंतु इस अवस्था में दोषों को शांत करने के लिए निम्नलिखित चिकित्सा लाभप्रद हो सकती है: 1. आभ्यन्तर चिकित्सा (Oral Medications) ••कन्ठ विकारों के लिए: खदिरादि वटी या एलादि वटी को चूसने के लिए उपयोग करें। यह कण्ठ के स्थानीय कफ-वात का शमन करेगी। ••वात-कफ शमन और शोथहर (Anti-inflammatory): कांचनार गुग्गुलु (2-2 गोली सुबह-शाम हल्के गुनगुने पानी से) लें। यह कण्ठ प्रदेश की किसी भी सूक्ष्म ग्रन्थि या शोथ (Inflammation) को दूर करने में सर्वश्रेष्ठ है। ••रिफ्लक्स और पित्त शामक: यदि यह साइलेंट रिफ्लक्स (LPR) है, तो अविपत्तिकर चूर्ण (3 ग्राम रात को सोते समय) या कामदुधा रस (मोती युक्त) का सेवन करें। ••रसायन और बल्य: अश्वगंधा चूर्ण या सारस्वतारिष्ट। चूंकि 6 महीने से समस्या है, इसलिए यह न्यूरो-मस्कुलर तनाव (Neurological tension) को कम करने में मदद करेगा। 2. स्थानीय चिकित्सा (Local Therapies) ••गण्डूष / कवल (Gargling): गुनगुने पानी में त्रिफला चूर्ण और एक चुटकी हल्दी (हरिद्रा) मिलाकर दिन में दो बार कवल (गरारे) करें। यह कण्ठ के संक्रमण और कफ को काटेगा। ••बाह्य लेप और खुजली के लिए: गले के बाहर जो लाल निशान और खुजली है, वहां चन्दनवला लाक्षादि तेल या साधारण नारियल तेल में थोड़ी सी भीमसेनी कपूर मिलाकर हल्के हाथ से लगाएं। वहां खारिश या अत्यधिक रगड़ न लगाएं। 3. पथ्य-अपथ्य (Diet & Lifestyle) ••वर्ज्य (Avoid): अत्यधिक तीखा, खट्टा, फ्रिज का ठंडा पानी, दही, और फास्ट फूड का पूरी तरह त्याग करें। रात का भोजन सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले करें। ••सेवन योग्य: गुनगुना पानी पिएं। भोजन में मुंग की दाल, परवल, और सुपाच्य अन्न लें।
Kya ye singles ka lakshan hai kya sir
Singles jii me samja nhi aap kay kahana chah rahe hai…aap dubara batye…?
Shingles (herpes zoster) hai kya Sir kyuki sab hospital mein gaye par kuch kam hi nahi ho raha hai
••आपने पूछा है कि क्या यह शिंगल्स (Shingles / हरपीज जोस्टर) का लक्षण है? सीधा और साफ कहें, तो इसकी संभावना बहुत ही कम है। शिंगल्स होने की उम्मीद न के बराबर होने के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं: समय (Duration): शिंगल्स एक एक्यूट (तेजी से आने वाला) इन्फेक्शन है। इसके छाले, दर्द और निशान आमतौर पर 2 से 4 हफ्तों में ठीक हो जाते हैं। 6 महीने तक लगातार शिंगल्स का एक्टिव रहना मुमकिन नहीं है। (हालांकि शिंगल्स के बाद का न्यूराल्जिया या दर्द महीनों रह सकता है, लेकिन उसमें नए लाल निशान या लगातार गांठ जैसा अहसास नहीं होता)। गले में गांठ का अहसास: शिंगल्स में न्यूरोपैथिक दर्द और त्वचा पर रैशेज होते हैं, लेकिन गले के अंदर कुछ अटका हुआ महसूस होना (Globus sensation) इसका प्राथमिक लक्षण नहीं है। फिर यह क्या हो सकता है? (संभावित कारण) चूंकि आप लंबे समय से इससे जूझ रहे हैं, तो इन संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है: क्रोनिक फैरिन्जाइटिस या टॉन्सिलाइटिस (Chronic Pharyngitis/Tonsillitis): गले में लंबे समय का इन्फेक्शन या सूजन, जिससे कान और सिर में भी ‘रेफर्ड पेन’ (Referred pain) यानी दर्द फैल सकता है। LPR / GERD (Acid Reflux): पेट का एसिड जब खाने की नली से ऊपर गले तक आता है (Laryngopharyngeal Reflux), तो गले में लगातार जलन, लालिमा, खुजली और ‘गले में कुछ फंसा हुआ होना’ (Globus Pharyngeus) जैसा अहसास कराता है। ग्लोसोफैरिन्जियल न्यूराल्जिया (Glossopharyngeal Neuralgia): इस नस की दिक्कत के कारण गले, कान और सिर के पिछले हिस्से में एक साथ तेज दर्द जा सकता है। त्वचा की समस्या (Dermatological Fact): गले के बाहर जो लाल निशान और खुजली हैं, वे किसी प्रकार के डर्मेटाइटिस, फंगल इन्फेक्शन या लोकल एलर्जी के हो सकते हैं, जो शायद गले के अंदरूनी दर्द से अलग समस्या हो।
Isaka upay kya hoga jab dard hota hai to kya paracetamol tablet le sakate hai kya please isaka sahi upay bataye please
Jii agar bahut jayda dard ho tabhi le…baki jo maine medicine bataya ha useko use kare usse he bahut jald aapko aaram milega aur jaldi thik ho jaoge…
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