Hello, पाँव के तलवे में सुन्नता (numbness), बधिरता और चलने में तकलीफ होना आयुर्वेद में ‘Padaha-harsha’ या ‘Vata Vyadhi’ (Vata dosha का बढ़ना) माना जाता है। नसों में कमजोरी या रक्त संचार की कमी के कारण ऐसा महसूस होता है। Prescription : Internal Medicines (खाने की दवाएं) 1. Ksheerabala 101 Avarthi Capsules : यह नसों की कमजोरी (nerve degeneration) और सुन्नता के लिए सबसे बढ़िया है। Dose: 1 से 2 कैप्सूल दिन में दो बार, हल्के गुनगुने पानी या दूध के साथ, खाना खाने से पहले। 2. Dhanwantharam Kwath (Tablet or Liquid): यह वात दोष को शांत करता है और नसों को ताकत देता है। Dose: 2 टैबलेट सुबह-शाम लें। 3. Maharasnadi Kwath Tablet: यह पैरों की जकड़न, दर्द और नसों की सूजन को कम करने में मदद करता है। Dose: 2 टैबलेट दिन में दो बार, खाना खाने के बाद गुनगुने पानी से। External Applications (बाहरी उपाय) 1. Ksheerabala Thailam (Oil): रात को सोने से पहले और सुबह नहाने से पहले इस तेल को हल्का गुनगुना करके पैरों के तलवों और पूरे पैर पर हल्के हाथ से मालिश (Abhyanga) करें। यह नसों को रीजुवेनेट करता है Padabhyanga: तेल मालिश के बाद 10-15 मिनट के लिए पैरों को हल्के गुनगुने पानी में नमक डालकर डुबोकर रखें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और सुन्नता कम होगी।
Hello, Can you please answer the following which will help to treat the condition accordingly: 1. What is your age? 2. Do you have any long lasting uncontrolled health issues like diabetes mellitus, hypertension? 3. You have mentioned you tried prescribed medication and therapy-please provide the detail. Take care, Kind regards.
आयुर्वेद में यह अक्सर वात विकार, नसों की कमजोरी, रक्तसंचार की कमी, मधुमेह जनित न्यूरोपैथी, कमर से नस दबना (Sciatica/L4-L5 issue), या Vitamin B12 deficiency से जुड़ा हो सकता है। Yograj Guggulu – 2 BD( सुबह शाम दो गोली गर्म पानी) Ashwagandha Churna –1 tsp bd Ekangveer Rasa – सुन्नता/नस विकार में उपयोगी 2. बाहरी उपचार रोज़ तलवों और पैरों में गुनगुने Mahanarayan Taila या Ksheerbala Taila से 10–15 मिनट मालिश उसके बाद हल्की सिकाई रात में सरसों या तिल तेल से तलवों की मालिश भी लाभदायक 3. आहार ठंडी, सूखी, ज्यादा उपवास वाली चीजें कम करें गर्म दूध, घी, बादाम, मूंग दाल, लहसुन, मेथी उपयोगी Vitamin B12 और Vitamin D की जांच करवाना अच्छा रहेगा
Hello… आयुर्वेद आपको ज़रूर मदद कर सकता है और इसका इलाज शक्य है लेकिन उसके लिए शरीर की पूरी जाँच, आपकी दिक्कत कितनी ज़्यादा है या कब से है उसके अलावा क्या दिक्कत उसके हिसाब से दवाई लेना ज़्यादा बेहतर रहेगा, नहीं की कोई भी दवाई का शरीर में ट्राय करना …ये आपकी तकलीफ़ को और भी बढ़ा सकता है, ये प्रॉब्लम ब्रेन से लेकर विटामिन की कमी की वजह से, बीपी या डायबिटीज की वजह से, कई पे नस दब रही है उसकी वजह से ऐसे कई फैक्टर है जिसको डॉक्टर देख के उस हिसाब से दवाई देंगे…तो आप आयुर्वेद डॉक्टर के संपर्क में रहके दवाई लीजिए …
Hello, Numbness, burnin , dead nerve feeling, and pain in the soles for more than 6 months with difficulty walking often indicate nerve weakness/ neuropathy. In Ayurveda this is commonly related to aggravated vata dosha,poor circulation , aging changes, diabetes/B12 deficiency, spinal issues, or long distance nerve compression Since symptoms are severe, it is important not to ignore the cause First important checkups -blood sugar/HbA1c -vitamin B12, D -thyroid profile -nerve conduction study -spine evaluation if back pain present If diabetes is present, nerve symptoms are very common Internal medications 1) Yogaraj guggulu= 1 tab twice daily after meals =helps nerve stiffness, pain, circulation, walking discomfort 2) Ashwagandha capsules= 1 cap twice daily after meals with warm milk =nerve nourishment, weakness, muscle fatigue,sleep 3) Brihat vata chintamani ras= 1 tab at night after dinner =useful in chronic numbness and neuropathy like symptoms External treatment very important 1) Foot massage daily use warm = Mahanarayan taila Massage soles and calves for 10-15 minutes at bedtime = improves circulation, reduces numbness, calms vata, improves sleep 2) Warm water foot soak -lukewarm water + pinch rock salt -10 minutes evening =avoid very hot water if sensation is reduced Diet advice -cow ghee in small amount -soaked almonds -sesame seeds -warm milk -moong dal -leafy vegetables -protein rich food Avoid -excessive dry/cold food -smoking/alcohol -prolonged standing barefoot -excessive fasting Lifestyle -gentle walking -ankle rotations exercises -calf stretching -yoga like vajrasana -stress reduction Avoid overexertion Long standing severe numbness usually improves slowly over weeks to months. Best results come from combining -identifying the root cause -nerve nourishment -circulation improvement -massage therapy -correcting deficiencies Do not rely only on painkillers . Early nerve support gives better long-term recovery Do follow Hope this might be helpful Thank you नमस्ते, 6 महीने से ज़्यादा समय तक पैरों के तलवों में सुन्नपन, जलन, नसों के बेजान होने का एहसास और दर्द होना, जिसके साथ चलने में भी अक्सर दिक्कत होती है, यह नसों की कमज़ोरी/न्यूरोपैथी का संकेत हो सकता है। आयुर्वेद में, इसे आमतौर पर बढ़े हुए वात दोष, खराब ब्लड सर्कुलेशन, उम्र बढ़ने के साथ होने वाले बदलावों, डायबिटीज़/विटामिन B12 की कमी, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं, या नसों पर लंबे समय से पड़ रहे दबाव से जोड़ा जाता है। चूंकि लक्षण गंभीर हैं, इसलिए इनके मूल कारण को नज़रअंदाज़ न करना बहुत ज़रूरी है। शुरुआती ज़रूरी जांचें: - ब्लड शुगर/HbA1c - विटामिन B12, D - थायरॉइड प्रोफ़ाइल - नर्व कंडक्शन स्टडी (नसों की जांच) - अगर पीठ में दर्द है, तो रीढ़ की हड्डी की जांच अगर डायबिटीज़ है, तो नसों से जुड़े लक्षण बहुत आम होते हैं। अंदरूनी दवाएं: 1) योगराज गुग्गुलु = 1 गोली दिन में दो बार, खाना खाने के बाद = नसों की अकड़न, दर्द, ब्लड सर्कुलेशन और चलने में होने वाली दिक्कत को दूर करने में मदद करता है 2) अश्वगंधा कैप्सूल = 1 कैप्सूल दिन में दो बार, खाना खाने के बाद, गुनगुने दूध के साथ = नसों को पोषण देता है, कमज़ोरी और मांसपेशियों की थकान दूर करता है, और नींद में सुधार करता है 3) बृहत् वात चिंतामणि रस = 1 गोली रात को खाना खाने के बाद = पुराने सुन्नपन और न्यूरोपैथी जैसे लक्षणों में फ़ायदेमंद है बाहरी उपचार बहुत ज़रूरी है: 1) रोज़ाना पैरों की मालिश गुनगुने तेल का इस्तेमाल करें = महानारायण तेल रात को सोने से पहले 10-15 मिनट तक तलवों और पिंडलियों की मालिश करें = ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है, सुन्नपन कम करता है, वात दोष को शांत करता है, और नींद में सुधार करता है 2) गुनगुने पानी में पैर भिगोना (फुट सोक) - गुनगुना पानी + एक चुटकी सेंधा नमक - शाम के समय 10 मिनट के लिए = अगर पैरों में महसूस करने की क्षमता (sensation) कम हो गई है, तो बहुत ज़्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल न करें खान-पान से जुड़ी सलाह: - थोड़ी मात्रा में गाय का घी - भीगे हुए बादाम - तिल के बीज - गुनगुना दूध - मूंग दाल - पत्तेदार सब्ज़ियां - प्रोटीन से भरपूर भोजन इन चीज़ों से बचें: - बहुत ज़्यादा रूखा/ठंडा भोजन - धूम्रपान/शराब - लंबे समय तक नंगे पैर खड़े रहना - बहुत ज़्यादा उपवास करना जीवनशैली (Lifestyle): - हल्की-फुल्की सैर (walking) - टखनों को घुमाने वाले व्यायाम (ankle rotations) - पिंडलियों की स्ट्रेचिंग - वज्रासन जैसे योगासन - तनाव कम करना शरीर पर बहुत ज़्यादा ज़ोर डालने से बचें लंबे समय से चला आ रहा गंभीर सुन्नपन आमतौर पर धीरे-धीरे, हफ़्तों से लेकर महीनों में ठीक होता है। सबसे अच्छे नतीजे तब मिलते हैं, जब इन चीज़ों को एक साथ अपनाया जाए: - मूल कारण की पहचान करना - नसों को पोषण देना - ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करना - मालिश चिकित्सा (massage therapy) - शरीर में मौजूद कमियों को दूर करना सिर्फ़ दर्द निवारक दवाओं (painkillers) पर निर्भर न रहें। नसों को शुरुआती सहारा देने से लंबे समय तक बेहतर रिकवरी मिलती है। ज़रूर फ़ॉलो करें। उम्मीद है कि यह मददगार साबित होगा। धन्यवाद।
पैरों के तलवों में सुन्नपन + चलने में तकलीफ + कमजोरी लंबे समय से है, इसलिए यह केवल “नसें डेड” होना जरूरी नहीं है। न्यूरोपैथी, Vitamin B12 की कमी, शुगर या नसों की समस्या भी कारण हो सकती है। आयुर्वेदिक सहायता: Ashwagandha churna – 1 चम्मच रात में दूध के साथ Yograj Guggulu – 1 गोली दिन में 2 बार भोजन के बाद Maharasnadi kwath – 15 ml दिन में 2 बार साथ में: पैरों पर तिल तेल से हल्की मालिश Vitamin B12 और शुगर जांच करवाएं (यदि हाल में नहीं हुई) अगर कमजोरी बढ़ रही है या संतुलन बिगड़ रहा है, तो जांच कराना ज़रूरी है। Regards, Dr Raghuveer (Ayurvedacharya)