How to treat sciatica and blood blockage in nerves causing sharp pain in fingers and legs? - #54261
Sir मुझे सायटिका के साथ नसों में खून अवरुद्ध होने शिकायत है जिससे हाथ की अंगुलियों और पैरों में नस चढ़ने जैसी तेज दर्द होता है।लखनऊ में केंद्रीय आयुर्वेदिक अनुसंधान अस्पताल में दिखाया है उन्होंने एकांगीवीर रस सुबह शाम 1-1 गर्म पानी के दी है। लेकिन सायटिका का दर्द अभी वैसा ही है।दवा खाते लगभग दो माह हो गया है। R K KATIYAR LUCKNOW 226023
Doctors' responses
आपकी समस्या सायटिका + नसों में वाता विकार (nerve irritation) से जुड़ी लग रही है। “नसों में खून रुकना” आमतौर पर असली ब्लॉकेज नहीं होता, बल्कि नसों में सूजन, दबाव और सिग्नल की गड़बड़ी के कारण ऐसा महसूस होता है। आपने 2 महीने से एकांगवीर रस लिया है, लेकिन अकेली दवा से पूरा फायदा नहीं मिल रहा — इसमें पूरा उपचार (रूटीन + तेल + दवा) जरूरी है। क्या करें: दिनचर्या: ज्यादा देर बैठना, झुकना, वजन उठाना avoid करें रोज हल्की वॉक करें हल्की स्ट्रेचिंग करें (जोर से नहीं) स्थानीय उपचार: कमर और पैरों में महानारायण तेल या तिल का तेल लगाकर हल्की मालिश करें उसके बाद गरम सेक (hot water bag) करें दवाइयाँ: योगराज गुग्गुलु – 1 गोली दिन में 2 बार खाने के बाद दशमूल क्वाथ – 15 ml दिन में 2 बार अश्वगंधा टैबलेट – 1 गोली रात को (एकांगवीर रस डॉक्टर ने दिया है तो जारी रख सकते हैं) हाथ की उंगलियों में दर्द: Vitamin B12 की जांच करा लें — कमी होने पर नसों का दर्द बढ़ता है जरूरी बात: Posture (बैठने का तरीका) ठीक करना बहुत जरूरी है, वरना दर्द बार-बार रहेगा। सुधार का समय: दर्द में कमी → 2–3 हफ्ते चलने-फिरने में सुधार → 4–6 हफ्ते अगर दर्द बहुत तेज या लगातार पैर में फैल रहा है, तो फिजियोथेरेपी भी साथ में करें। Regards, Dr Raghuveer (Ayurvedacharya)
आपकी समस्या सायटिका (Sciatica) और नसों में अवरोध (रक्त प्रवाह की कमी / वात विकार) से संबंधित लगती है। केवल एकांगीवीर रस से पूरा लाभ न मिलना सामान्य है—इसमें संयोजन और जीवनशैली सुधार जरूरी होता है। 1. मुख्य कारण (Root Cause): वात दोष बढ़ना → नसों में सूखापन, दर्द, झनझनाहट रक्त प्रवाह रुकावट → तेज चुभने जैसा दर्द Rx एकांगीवीर रस जारी रखें योगराज गुग्गुलु / त्रयोदशांग गुग्गुलु – नसों के दर्द व सायटिका में लाभकारी अश्वगंधा + दशमूल क्वाथ – नसों को मजबूत व सूजन कम महानारायण तेल (बाह्य प्रयोग) – मालिश के लिए बाह्य उपचार तिल तेल या महानारायण तेल से रोज मालिश (विशेषकर कमर, पैर) स्टीम/सिकाई (स्वेदन) – दर्द व जकड़न में तुरंत राहत संभव हो तो पंचकर्म (कटी बस्ती / बस्ती चिकित्सा) बहुत प्रभावी आहार-विहार ठंडी, सूखी, ज्यादा मसालेदार चीजें कम करें गर्म, ताजा, घी युक्त हल्का भोजन लें रोज हल्की योग-प्राणायाम (भुजंगासन, मकरासन) ज्यादा देर बैठना/एक ही पोजीशन से बचें
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