आम पाचक वटी का सेवन आपको कुछ ऊर्जा महसूस करा सकता है, लेकिन ध्यान दें कि यह केवल एक लक्षण का उपचार कर रहा है, न कि आपकी समस्याओं की जड़ को। आपके द्वारा बताये गए लक्षण जैसे कि अतियों की कमजोरी, सूजन, और अब पीलिया की शिकायत, किसी गहरे असंतुलन का संकेत हो सकते हैं। ये आपकी पित्त और कफ दोष के असंतुलन का परिणाम हो सकते हैं।
प्राकृतिक उपचार में, सबसे पहले आपको अपने पाचन तंत्र को सुधारने की आवश्यकता है। इसके लिए त्रिफला चूर्ण रात को सोने से पहले गर्म पानी के साथ लें, जो आपकी आतों को संजीवनी देने में मदद करेगा और सूजन को कम करेगा।
पीलिया के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें, क्योंकि यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है जो यकृत संबंधी समस्याओं की ओर इशारा कर सकती है। समय पर ध्यान ना देने से जटिलताएँ बढ़ सकती हैं। तब तक आप हल्दी दूध का सेवन करें, जो आपके यकृत को सहारा देने में सहायक हो सकता है।
साथ ही, अपने आहार में कड़वे साग जैसे मेथी और करेला शामिल करें। ये पित्त को संतुलित करने और आपकी आंतरिक अधि को सुधारने में मदद कर सकते हैं।
आम पाचक वटी का उपयोग आप कर सकते हैं, लेकिन यह दीर्घकालिक समाधान नहीं है और केवल लक्षणों को दबा सकता है। दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए जड़ समस्या का समाधान करना आवश्यक है।



