सुनील जी, आपकी हरी टिकिया वाली आयुर्वेदिक दवा most likely ब्राह्मी वटी (Brahmi Vati) थी। यह मानसिक तनाव, पेट की गैस और वात-दोष के लिए दी जाती है। आपके पहले इलाज (शंखपुष्पी + गोदन्ती + हरी टिकिया) के असर को देखकर यही सबसे संभावित है। सुझाव: ब्राह्मी वटी को उसी तरह लेने से फायदा मिलेगा, साथ में हल्की स्ट्रेचिंग और गुनगुना पानी भी मदद करेगा। -शंखपुष्पी वटी – सुबह और शाम 2 गोलियाँ गोदन्ती वटी – सुबह 2 गोलियाँ ब्राह्मी वटी (हरी टिकिया) – दिन में 2 बार, 2 गोलियाँ सभी गोलियाँ पानी के साथ लें। साथ में जीवनशैली सुझाव हर 30–40 मिनट में उठकर हल्की स्ट्रेचिंग करें। पेट की गैस के लिए गुनगुना पानी, अदरक या जीरा पानी लें। कमर और पैरों में हल्की तेल मालिश (तिल या नारियल) करें। मानसिक तनाव कम करने के लिए साँस की एक्सरसाइज या ध्यान करें।




