आपकी उम्र 42 वर्ष है और आप इन जड़ी बूटियों का उपयोग ऊर्जा और ताकत बढ़ाने के लिए करना चाहते हैं यह सभी जड़ी बूटियां बल्य रसायन और वीर्यवर्धक श्रेणी में आती हैं लेकिन इन्हें सही मात्रा और संतुलन में लेना बहुत जरूरी है क्योंकि पहली बार उपयोग में अधिक मात्रा से गैस गर्मी या बेचैनी हो सकती है इन सबका मिश्रण बनाया जा सकता है लेकिन मात्रा नियंत्रित रखनी चाहिए सफेद मूसली 20 ग्राम सालम पंजा 10 ग्राम शतावरी 30 ग्राम कौंच बीज 20 ग्राम अश्वगंधा 30 ग्राम अकरकरा 5 ग्राम कबाब चीनी 10 ग्राम आंवला 30 ग्राम हरि इलायची 5 ग्राम केसर केवल 1 ग्राम इन सबको बारीक चूर्ण बनवाकर अच्छे से मिला लें इस मिश्रण की मात्रा आधा चम्मच दिन में दो बार लें सुबह और रात को गर्म दूध के साथ यदि दूध नहीं सूट करता तो गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं शुरुआत पहले 7 दिन केवल रात में एक बार लें ताकि शरीर की सहनशीलता देखी जा सके किसी भी तरह की जलन घबराहट या पेट खराब हो तो मात्रा कम करें यह योग धीरे धीरे ऊर्जा स्टैमिना कमजोरी और थकान में सुधार करता है असर दिखने में 3 से 4 हफ्ते लगते हैं और इसे 2 से 3 महीने तक लिया जा सकता है साथ में पूरी नींद और हल्का व्यायाम जरूरी है
🧪 मिश्रण बनाने का सही अनुपात (Powder Form) सभी जड़ी-बूटियाँ शुद्ध चूर्ण (powder) रूप में हों ✅ मात्रा (Ratio) सफेद मूसली – 2 भाग सालम पंजा – 1 भाग शतावरी – 2 भाग कौंच बीज (शुद्ध किया हुआ) – 1 भाग अश्वगंधा – 2 भाग अकरकरा – ½ भाग कबाब चीनी – ½ भाग आंवला – 2 भाग हरी इलायची – ½ भाग केसर – केवल 5–7 धागे (पीसकर, बहुत कम) 👉 सबको अच्छे से मिलाकर एयर-टाइट कांच की शीशी में रखें। 🥄 सेवन की सही मात्रा (Dose) 🔹 शुरुआत (पहले 7 दिन) ½ चम्मच (लगभग 2–2.5 ग्राम) दिन में 1 बार 🔹 अगर कोई परेशानी न हो (8वें दिन से) ½ चम्मच सुबह + ½ चम्मच रात अधिकतम 5 ग्राम/दिन से ज्यादा नहीं 🕰️ लेने का सही समय 🌞 सुबह (Best for energy) खाली पेट नहीं गुनगुने दूध के साथ 👉 दूध न सूट करे तो: गुनगुना पानी + ½ चम्मच शहद 🌙 रात खाने के 1 घंटे बाद गुनगुना दूध सबसे अच्छा ⚠️ बहुत ज़रूरी सावधानियाँ ❌ खाली पेट न लें ❌ BP, शुगर, थायरॉइड हो तो पहले बताइए ❌ शुरुआत में गैस, भारीपन, एलर्जी (खुजली, उलटी) हो → तुरंत बंद करें ❌ 6–8 हफ्ते से ज्यादा बिना ब्रेक न लें 👉 1 महीना लें → 7–10 दिन का ब्रेक
आपकी उम्र 42 है और लक्ष्य ऊर्जा बढ़ाना है। आपने ये जड़ी-बूटियाँ पहले नहीं ली हैं, इसलिए कम मात्रा से शुरू करना ज़रूरी है। सामान्य सुरक्षित मात्रा (मिश्रण बनाकर): सभी सूखी जड़ी-बूटियों को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। ½ चम्मच (लगभग 2–3 ग्राम) दिन में 1 बार गुनगुने दूध या पानी के साथ, रात में भोजन के बाद महत्वपूर्ण सावधानी: 7 दिन तक देखें कोई एलर्जी, पेट जलन, खुजली, घबराहट तो नहीं। अगर कोई दिक्कत हो तो तुरंत बंद करें।
- शुरुआती स्तर पर, आप केवल अश्वगंधा + शतावरी + आंवला का मिश्रण (1–2 ग्राम प्रत्येक) गुनगुने दूध या शहद के साथ ले सकते हैं। - धीरे-धीरे शरीर की सहनशीलता देखकर अन्य औषधियाँ जोड़ी जा सकती हैं।
सफेद मूसली=2–3 g सालम पंजा=1–2 g शतावरी=3–5 g कोच के बीज= अश्वगंधा=3–5 g अकरकरा=250–500 mg कबाब चीनी=1–2 g केसर=100–250 mg (चुटकीभर) आंवला=3–5 g हरी इलायची=1–2 g
⚠️ सावधानियाँ - यह मिश्रण बहुत शक्तिशाली है, इसलिए शुरुआत में कम मात्रा से शुरू करें। - कोच के बीज और अकरकरा का सेवन सीमित रखें, क्योंकि ये तीव्र प्रभाव डालते हैं। - सभी औषधियों को मिलाकर कुल मात्रा 5–10 g प्रतिदिन से अधिक न हो।
✅ सुरक्षित प्रारंभिक मिश्रण (ऊर्जा बढ़ाने हेतु) - सफेद मूसली 2 g - अश्वगंधा 3 g - शतावरी 3 g - आंवला 3 g - केसर 100 mg 👉 इसे सुबह-शाम गुनगुने दूध के साथ लिया जा सकता है।
Warm Regards DR. ANJALI SEHRAWAT
नमस्ते तो, आपने कुछ जड़ी-बूटियाँ चुनी हैं! ये ताकत, स्टेमिना, हार्मोन बैलेंस करने और आम कमजोरी को दूर करने के लिए बहुत अच्छी मानी जाती हैं। लेकिन ध्यान रखें, सही डोज़ और तरीका बहुत ज़रूरी है, वरना आपको मनचाहा नतीजा नहीं मिलेगा!
ये जड़ी-बूटियाँ किस लिए हैं? (आयुर्वेद के अनुसार)
आपकी लिस्ट से, यहाँ मुख्य जड़ी-बूटियाँ हैं * सफ़ेद मूसली, सलाम पंजा, कोच बीज → ताकत के लिए अच्छा * अश्वगंधा, शतावरी → शांत नसें और संतुलित हार्मोन * अकरकरा, कबाब चीनी → स्टेमिना बढ़ाना, ब्लड सर्कुलेशन * आंवला, इलायची, केसर → एंटीऑक्सीडेंट, बेहतर पाचन
असल में, यह पूरा कॉम्बिनेशन एक रसायन फ़ॉर्मूला जैसा है जो बहुत ज़्यादा ताज़गी देता है।
सही रेसिपी (मिलाने का तरीका)
इन सभी जड़ी-बूटियों को पाउडर के रूप में लें:
जड़ी-बूटी मात्रा * सफ़ेद मूसली: 50 ग्राम * सलाम पंजा: 50 ग्राम * शतावरी: 50 ग्राम * कोच बीज: 50 ग्राम * अश्वगंधा: 50 ग्राम * अकरकरा: 25 ग्राम * कबाब चीनी: 25 ग्राम * आंवला: 50 ग्राम * इलायची: 10 ग्राम * केसर: 1 ग्राम (ज़रूरी नहीं)
सभी चीज़ों को अच्छे से मिलाएँ और एक एयरटाइट कंटेनर में रखें।
इसे कैसे लें? (42 साल के व्यक्ति के लिए सुरक्षित डोज़) * डोज़: 👉 दिन में दो बार 1 छोटा चम्मच (5 ग्राम) * कब: * सुबह खाली पेट * रात को सोने से पहले * किसके साथ: * गर्म गाय का दूध (सबसे अच्छा विकल्प) * या शहद + थोड़ा गर्म पानी * कितने समय तक? * कम से कम 8-12 हफ़्ते * असली फ़ायदे एक महीने बाद दिखते हैं।
किन्हें सावधान रहना चाहिए अगर आपको: * हाई BP * डायबिटीज़ * थायराइड की समस्या * बहुत ज़्यादा गैस/एसिडिटी
तो: 👉 रात में सिर्फ़ एक बार लेना शुरू करें। डाइट प्लान
✅शामिल करें
* घी * खजूर * बादाम * मूंग दाल * अनार
❌इनसे बचें
* शराब * सिगरेट * बहुत ज़्यादा मसालेदार खाना * देर रात तक जागना
बड़ी चेतावनी! ये सभी असरदार जड़ी-बूटियाँ: ❌ इन्हें सालों तक लगातार नहीं लेना चाहिए।
✅इसे साइकल में लें: 3 महीने लें → 1 महीने का ब्रेक → फिर दोहराएँ।
हाँ, आप इसे मिलाकर ले सकते हैं, लेकिन सही डोज़ और टाइमिंग बहुत ज़रूरी है। नहीं तो, आपको ज़्यादा गर्मी लग सकती है, BP बढ़ सकता है, या बेचैनी महसूस हो सकती है।
शुभकामनाएं डॉ. स्नेहल विधाते
THE HERBS YOU HAVE MENTIONED SAFED MUSLI SALAM PANJA SHATAVARI KOCH KE BEEJ ASHWAGANDHA AKARKARA KABAB CHEENI KESAR AAMLA HARI ELAICHI ARE ALL POWERFUL REJUVENATING AND ENERGIZING HERBS SUITABLE FOR BOOSTING STRENGTH VITALITY AND OVERALL ENERGY IN A 42 YEAR OLD PERSON
YOU CAN PREPARE A MIXTURE OF THESE HERBS IN THE FOLLOWING WAY
TAKE EQUAL PARTS OF SAFED MUSLI SHATAVARI ASHWAGANDHA AKARKARA KOCH KE BEEJ KABAB CHEENI DRY THEM AND POWDER THEM FINELY ADD SMALL QUANTITY OF KESAR AAMLA AND HARI ELAICHI TO THE MIXTURE
DOSAGE WOULD BE 1 TEASPOON OF THIS POWDER WITH WARM MILK OR WARM WATER ONCE OR TWICE DAILY AFTER FOOD START WITH ONCE DAILY AND OBSERVE TOLERANCE YOU CAN INCREASE TO TWICE DAILY AFTER 7 DAYS
FOR BEST RESULTS TAKE REGULARLY FOR 2 TO 3 MONTHS COMBINE WITH MODERATE EXERCISE ADEQUATE SLEEP AND A NUTRITIOUS DIET AVOID EXCESS CAFFEINE FRIED FOODS AND SLEEP DISTURBANCES
SINCE YOU ARE TAKING THIS FOR THE FIRST TIME START WITH SMALL DOSE AND MONITOR FOR ANY SENSITIVITY OR ALLERGIC REACTIONS
HELLO, HERBS AND THEIR USES 1)SHATAVARI= rejuvenates the body, supports vitality and energy, balances hormones 2) ASHWAGANDHA = adaptogen for stress fatigue, and overall stamina 3) AMLA= rich in vitamin c, supports immunity and energy 4) SAFFRON= boosts vitality and moo in small amounts 5) GREEN CARDAMOM= digestive aid, enhances absorption of herbal preparation 6) AKARKARA= traditionally used for vitality and strength 7) WHITE RADISH= supports digestion and detoxification 8) KOCHSEEDS= traditionally used in minor digestive or tonic preparation GENERAL PREPARATION IDEAS HERBAL DECOCTION -take 1/2 tsp each of powdered shatavari , ashwagadha, and amla -add 2-3 strands of saffron and a few crushed cardamom pods -boil in 2 cups of water for 15 min until reduced to 1 cup -strain and drink warm, ideally in morning POWDER MIX FOR ENERGY -mix equal part of shatavari, ashwagandha, and akarkara powder -take 1/2 tsp with warm milk once daily optional additions -a pinch of black pepper or ginger can improve absorption -honey can be added after cooking for taste and tonic effects (not boiled with herbs) USAGE -start with small doses to check tolerance -prefer morning intake for energy boosting -avoid very heavy or oily meals alongside intially -monitor for any digestive upset or allergic reaction THANK YOU DR. MAITRI ACHARYA
नमस्ते, जड़ी-बूटियाँ और उनके उपयोग 1) शतावरी = शरीर को फिर से जवान बनाती है, ताकत और एनर्जी देती है, हार्मोन को बैलेंस करती है 2) अश्वगंधा = तनाव, थकान और कुल मिलाकर स्टेमिना के लिए एडाप्टोजेन 3) आंवला = विटामिन C से भरपूर, इम्यूनिटी और एनर्जी देता है 4) केसर = कम मात्रा में ताकत और मूड को बेहतर बनाता है 5) हरी इलायची = पाचन में मदद करती है, हर्बल तैयारी के एब्जॉर्प्शन को बढ़ाती है 6) अकरकरा = पारंपरिक रूप से ताकत और शक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है 7) सफेद मूली = पाचन और डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करती है 8) कोचसीड्स = पारंपरिक रूप से छोटे पाचन या टॉनिक तैयारी में इस्तेमाल किया जाता है सामान्य तैयारी के आइडिया हर्बल काढ़ा - पिसी हुई शतावरी, अश्वगंधा और आंवला प्रत्येक 1/2 चम्मच लें - 2-3 केसर के धागे और कुछ कुटी हुई इलायची डालें - 2 कप पानी में 15 मिनट तक उबालें जब तक कि यह 1 कप न रह जाए - छानकर गर्म पिएं, आदर्श रूप से सुबह एनर्जी के लिए पाउडर मिक्स - शतावरी, अश्वगंधा और अकरकरा पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाएं - दिन में एक बार गर्म दूध के साथ 1/2 चम्मच लें वैकल्पिक चीजें - एक चुटकी काली मिर्च या अदरक एब्जॉर्प्शन को बेहतर बना सकती है - स्वाद और टॉनिक असर के लिए पकाने के बाद शहद मिलाया जा सकता है (जड़ी-बूटियों के साथ उबाला नहीं जाता) उपयोग - सहनशीलता जांचने के लिए कम मात्रा से शुरू करें - एनर्जी बढ़ाने के लिए सुबह लेना बेहतर है - शुरुआत में बहुत भारी या तैलीय भोजन से बचें - किसी भी पाचन संबंधी गड़बड़ी या एलर्जी रिएक्शन पर नज़र रखें धन्यवाद डॉ. मैत्री आचार्य
Sabhi ko barabar matra mein mix kijiye, 1/2 tsp din mein do bar 10 minutes. Khana khane se pahele, doodh/ pani. Ke saath.


